वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच बैंकिंग, धातु और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की बिकवाली से घरेलू बाजारों में पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी थम गई। सेंसेक्स 670.93 अंक या 0.93 फीसदी टूटकर 71,355.22 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 197.80 अंक या 0.91 फीसदी की गिरावट के साथ 21,513 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट से बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों की कुल पूंजी करीब 2.92 लाख करोड़ घटकर 366.40 लाख करोड़ रुपये रह गई। सेंसेक्स की 30 में 24 कंपनियों के शेयर गिरावट में बंद हुए। एसबीआई सर्वाधिक 2.31 फीसदी नुकसान में बंद हुआ। आईटीसी, नेस्ले इंडिया, एशियन पेंट्स और टेक महिंद्रा में 1.80 फीसदी तक गिरावट रही। सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में बंद हुए। एचसीएल टेक सबसे ज्यादा 1.02 फीसदी लाभ में बंद हुआ।
गिरावट के प्रमुख कारण
- अमेरिका में नौकरी के बेहतर आंकड़ों से नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद कम हुई है।
- अमेरिका में 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड के रिटर्न में वृद्धि देखने को मिली है।
- यूरोपीय और एशियाई बाजार गिरावट में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजारों में मामूली बढ़त रही।
- ब्रेंट क्रूड 1.21 फीसदी की गिरावट के साथ 77.81 डॉलर प्रति बैरल रहा।
म्यूचुअल फंड : एयूएम 50 लाख करोड़ पार
म्यूचुअल फंड उद्योग का प्रबंधन के अधीन संपत्तियां (एयूएम) 2023 में 10.9 लाख करोड़ यानी 27 फीसदी बढ़कर पहली बार 50 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। इस वृद्धि के पीछे शेयर बाजार में तेजी, स्थिर ब्याज दरों और मजबूत आर्थिक वृद्धि की अहम भूमिका रही है। 2022 में एयूएम 39.88 लाख करोड़ रहा था, जो अब 50.78 लाख करोड़ पहुंच गया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में म्यूचुअल फंड का एयूएम 2.65 लाख करोड़ (5.7 फीसदी) और 2021 में 7 लाख करोड़ रुपये (22 फीसदी) बढ़ा था। 2023 में उद्योग के एयूएम आधार में लगातार 11वें साल बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस वृद्धि को इक्विटी योजनाओं और खासकर व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) के जरिये निवेश से समर्थन मिला। म्यूचुअल फंड उद्योग में बीते साल 2.7 लाख करोड़ का शुद्ध निवेश हुआ।
1,500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है फ्लिपकार्ट
वालमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट करीब 1500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है। यह संख्या कंपनी के कुल श्रमबल का 5-7 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी अपने कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा कर रही है, जिसे मार्च-अप्रैल, 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। प्रदर्शन के आधार पर ही छंटनी का निर्णय लिया जाना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस छंटनी का असर फैशन पोर्टल मिंत्रा के लिए काम करने वाले कर्मचारियों पर नहीं होगा। फ्लिपकार्ट अपने संसाधन को अधिकतम करने और लाभ में बने रहने के लिए आंतरिक बदलाव पर भी विचार कर रही है। साथ ही, कंपनी ने नई नियुक्तियां रोक दी हैं। पिछले साल से नई भर्तियां नहीं की गई हैं।
4,000 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक करेगी बजाज ऑटो
देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता बजाज ऑटो ने सोमवार को 4,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बायबैक की घोषणा की। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, उसके निदेशक मंडल ने 10 रुपये अंकित मूल्य के 40 लाख शेयर बायबैक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह बायबैक 10,000 रुपये प्रति शेयर के भाव पर होगी। इस प्रकार, यह बायबैक 4,000 करोड़ रुपये की होगी। जानकारी के मुताबिक, बजाज ऑटो के प्रवर्तक भी बायबैक में भाग लेंगे। उनकी कंपनी में 54.94 फीसदी हिस्सेदारी है। हालांकि, इस खरीद को शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है। सोमवार को कंपनी का शेयर 6985.70 रुपये पर बंद हुआ।
प्रतिबंध के बाद भी बढ़ेगा कृषि निर्यात- गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, चावल, गेहूं और चीनी सहित कुछ प्रमुख वस्तुओं की खेप पर लगे अंकुशों के बावजूद चालू वित्त वर्ष में देश का कृषि निर्यात पिछले साल के 53 अरब डॉलर से अधिक रहेगा। उन्होंने सोमवार को ‘इंडसफूड मेला-2024’ के उद्घाटन के दौरान कहा, किसानों को बेहतर मूल्य देने, रोजगार पैदा करने और देश की कमाई बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर खाद्य प्रसंस्करण, उत्पाद ब्रांडिंग व निर्यात पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इंडसफूड मेले में वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा, देश का 50 अरब डॉलर का मौजूदा कृषि निर्यात 2030 तक दोगुना होकर 100 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है। दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी खाद्य-पेय प्रदर्शनी में सचिव ने कहा, भारत वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को 2030 तक 2,000 अरब डॉलर पर पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।