नेपाल में जारी राजनीतिक उठापटक और युवाओं के आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन के बीच नेपाली स्टॉक एक्सचेंज मंगलवार को भी बंद रहा। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी ओली के इस्तीफा दे दिया है और कई जगह आगजनी और उग्र प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहे। इस बीच स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ नेपाल ने देश में हिंसक प्रदर्शनों पर चिंता जाहिर की है।
स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ नेपाल (SBAN) ने भाद्र 23 (8 सितंबर) को हुए जेन-जेड प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में दर्जनों लोगों की मौत और घायल होने पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। एसोसिएशन ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हुए घायल हुए लोगों के समुचित इलाज की सुनिश्चितता की सरकार से अपील की है। साथ ही, सार्वजनिक और निजी संपत्ति की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है।
एसबीएन ने बताया है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना देश के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न कर चुकी है। एसोसिएशन ने आगाह किया है कि यदि यह अशांति लंबे समय तक जारी रही, तो इससे वित्तीय बाजार, ट्रेडिंग सिस्टम और देश की समग्र अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ट्रेडिंग और संचार चैनलों में हुए व्यवधान से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो चुका है, फंड फ्लो बाधित हो रहे हैं और बाजार संचालन प्रभावित हो रहा है।
एसोसिएशन ने ट्रेडिंग में आई विघ्नता के लिए खेद प्रकट किया है और सभी हितधारकों को विश्वास दिलाया है कि वे समय-समय पर आवश्यक अपडेट उपलब्ध कराते रहेंगे। साथ ही, सरकार और संबंधित अधिकारियों से शीघ्र शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए रचनात्मक संवाद के माध्यम से आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है।
इस बीच, नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) ने भाद्र 24, 2082 (9 सितंबर) को भी बाजार बंद रहने की घोषणा की है। यह बंदिश काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय की ओर से रिंग रोड क्षेत्र में सुबह 8:30 बजे से लागू किए गए कर्फ्यू के कारण की गई है। ट्रेडिंग सदस्य और निवेशकों की ओर से बाजार संचालन बंद करने की मांग आने पर, एनईपीएसई ने सेक्युरिटीज लिस्टिंग एण्ड ट्रेडिंग रेगुलेशन्स, 2075 की नियमावली की धारा 71(1) के तहत आज कोई लेनदेन नहीं होने की पुष्टि की है। नेपाल स्टॉक एक्सचेंज ने बताया है कि सामान्य स्थिति बहाल होते ही नियमित ट्रेडिंग पुनः चालू कर दी जाएगी।