फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maha Kumbh 2025: कुंभ को लेकर स्टीव जॉब्स के पत्र की नीलामी, 4.32 करोड़ में बिका; लिखा था- भारत जाना चाहता हूं

Wed, 15 Jan 2025 10:54 AM IST
अभिषेक दीक्षित बिजनेस डायरी, अमर उजाला

सार

स्टीव जॉब्स ने अपने 19वें जन्मदिन पर अपने बचपन के दोस्त टिम ब्राउन को यह पत्र लिखा था। यह स्टीव वोज्नाइक के साथ एपल की स्थापना से ठीक दो साल पहले स्टीव जॉब्स ने लिखा गया था। इसमें जॉब्स ने इसमें भारत में होने वाले 'कुंभ' को लेकर अपनी रुचि बताई थी।
विज्ञापन
महाकुंभ - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एपल के सह संस्थापक दिवंगत स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हो रहे महाकुंभ मेला 2025 के लिए भारत में हैं। उनके गुरू स्वामी कैलाशानंद ने उन्हें नया हिंदू नाम दिया है ‘कमला’। इस बीच स्टीव का एक हस्तलिखित पत्र सुर्खियों में है। 1974 में लिखे इस पत्र में स्टीव जॉब्स ने कुंभ मेले के लिए भारत आने की इच्छा जाहिर की थी। अब खबर आई है कि हाल ही में बोनहम्स की ओर से इस पत्र को 500,312 डॉलर (4.32 करोड़ रुपये) में नीलाम किया गया। बता दें कि अरबपति महिला कारोबारी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागम में बीते दिन ही संगम में डुबकी लगाई थी।

विज्ञापन




लॉरेन पॉवेल जॉब्स अपने पति की इच्छा पूरी करने के लिए महाकुंभ में आईं?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हाथ से लिखे गए स्टीव जॉब्स के पत्र में आध्यात्मिक और काव्यात्मक पक्ष की एक दुर्लभ झलक मिलती है। जॉब्स ने अपने 19वें जन्मदिन 23 फरवरी को अपने बचपन के दोस्त टिम ब्राउन को यह पत्र लिखा था। यह पत्र स्टीव वोज्नाइक के साथ एपल की स्थापना से ठीक दो साल पहले स्टीव जॉब्स ने लिखा था। इसमें जॉब्स ने इसमें भारत में होने वाले 'कुंभ' को लेकर अपनी रुचि बताई थी। उन्होंने कुंभ मेले में हिस्सा लेने की इच्छा भी जताई थी। अब जब उनकी पत्नी प्रयागराज महाकुंभ में शामिल हो रही हैं तो माना जा रहा है कि लॉरेन पॉवेल जॉब्स अपने पति की इच्छा पूरी करने के लिए ही यहां आई हुईं हैं।

पत्र में क्या लिखा?
दावा किया गया कि स्टीव जॉब्स ने ब्राउन के लिखे गए खत के जवाब में यह पत्र लिखा था। इसमें वे काफी चिंतित प्रतीत हो रहे हैं। उन्प्होंने अपने कई बार रोने का जिक्र भी इसमें किया। जॉब्स ने लिखा, 'मैं भारत जाना चाहता हूं। मैं वहां आयोजित होने वाले कुंभ मेले में हिस्सा लेना चाहता हूं। अप्रैल से शुरू होने वाले इस आयोजन के लिए मैं मार्च में किसी समय जाऊंगा। हालांकि, मैं इसे लेकर निश्चित नहीं हूं। उन्होंने अपने पत्र के अंत में 'शांति, स्टीव जॉब्स' लिखा है।
विज्ञापन


लॉरेन पॉवेल जॉब्स में संगम में डुबकी लगाई
इससे पहले अरबपति महिला कारोबारी लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने विश्व के इस सबसे बड़े धार्मिक समागम में संगम में डुबकी लगाई थी। इसे लेकर पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि लॉरेन को यहां नया नाम ‘कमला’ मिला है। वह बहुत सहज, विनम्र और अहंकार से मुक्त हैं और यहां की सनातनी संस्कृति से खासा प्रभावित हैं।

कैसे पड़ा कमला नाम?
अमृत स्नान करने संगम घाट पर पहुंचे निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि कमला आई हैं और वह अभी शिविर में हैं। भीड़ में रहने के कारण उन्हें कुछ दिक्कत आई है, इसलिए वह शिविर में आराम कर रही हैं। वह बहुत सहज और सरल हैं और सनातन धर्म को जानना चाहती हैं। वह गुरू के बारे में जानना चाहती हैं, उनके हजारों सवाल हैं जिसका उत्तर हमें देना होता है। सभी प्रश्न सनातन से जुड़े हैं।

स्टीव जॉब्स के बारे में जानिए
स्टीव जॉब्स (1955-2011) एक अमेरिकी उद्यमी, आविष्कारक और दूरदर्शी थे, जिन्होंने एप्पल की स्थापना की। कंपनी ने तकनीकी जगत में क्रांति ला दी। उनके नेतृत्व और दूरदर्शिता ने एप्पल को दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बनने में मदद की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें