जीएसटी की प्रभावी भारित औसत दर में गिरावट की उम्मीद
जीएसटी की प्रभावी भारित औसत दर 2017 में लागू होने के समय 14.4 प्रतिशत थी। यह सितंबर 2019 तक घटकर 11.6 प्रतिशत रह गई थी। अब ताजा दर युक्तिकरण के बाद यह औसत दर और घटकर 9.5 प्रतिशत तक आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दरों में युक्तिकरण से खपत को प्रोत्साहन मिलता है। इससे अंततः कर संग्रह में स्थिर और मजबूत प्रवाह सुनिश्चित होता है।
पिछले जीएसटी सुधार से सरकार को हुआ था लाभ
एसबीआई रिसर्च ने कहा है कि जीएसटी दरों में पिछली बार किए गए युक्तिकरण से सरकार को लगभग एक लाख करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त राजस्व आमदनी हुई थी। दरों में यह बदलाव महज खपत को प्रोत्साहन देने वाला अल्पकालिक कदम नहीं है, बल्कि इसे एक संरचनात्मक सुधार के रूप में देखना चाहिए। इससे कर प्रणाली सरल होती है, अनुपालन का बोझ घटता है और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा मिलता है, जिससे कर आधार व्यापक होता है। रिसर्च के अनुसार, सुव्यवस्थित जीएसटी ढांचा न केवल दीर्घकालिक राजस्व स्थिरता सुनिश्चित करेगा बल्कि अर्थव्यवस्था की दक्षता बढ़ाने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगा।