राज्यों को कोरोना महामारी से हुए नुकसान की भरपाई 2021 में पूरी हो जाएगी और उनका राजस्व कोविड पूर्व स्तर पर पहुंच जाएगा। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बृहस्पतिवार को बताया कि जीएसटी वसूली में उछाल, तेल पर भारी टैक्स व केंद्र की ओर से बढ़ा अनुदान मिलने से राज्यों को तगड़ी कमाई होगी।
क्रिसिल के अनुसार, तेल से मिलने वाले राजस्व में इस साल 30-50 फीसदी उछाल आएगा, जो पिछले वित्त वर्ष में 20 फीसदी के आसपास था। राज्यों के कुल राजस्व में इसकी हिस्सेदारी 10 फीसदी होती है। रेटिंग एजेंसी ने यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित 10 बड़े राज्यों के आंकड़ों पर यह रिपोर्ट तैयार की है।
इसमें कहा गया है कि 2020-21 में महामारी के कारण राज्यों के राजस्व में 6 फीसदी की बड़ी गिरावट आई थी। राज्यों ने ईंधन पर 6-7 फीसदी बिक्री कर बढ़ाया था, जिससे प्रति लीटर 1.5-1.8 रुपये मिलते हैं। राजस्व बढ़ाने में इसकी बड़ी भूमिका है।
यहां से मिलता है राजस्व
राज्यों को सबसे ज्यादा 25 फीसदी कमाई केंद्रीय कर के रूप में होती है। इसके अलावा एसजीएसटी का 21 फीसदी, केंद्रीय अनुदान का 17 फीसदी, ईंधन-शराब पर बिक्री कर का 13 फीसदी हिस्सा होता है।
उत्पाद शुल्क व स्टांप शुल्क से भी कमाई होती है। बिक्री कर में इस साल 10 फीसदी इजाफे का अनुमान है, जबकि केंद्र के अनुदान में भी 10 फीसदी वृद्धि हुई है। इस तरह, चालू वित्त वर्ष में राज्यों का सकल राजस्व 6 फीसदी बढ़ सकता है।