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RBI: सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी से राज्यों व UT ने जुटाए 8450 करोड़ रुपये; बिहार को सबसे अधिक लाभ

Tue, 12 Aug 2025 04:15 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आरबीआईद्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने राज्य सरकार प्रतिभूतियों (एसजीएस) की नीलामी से कुल 8,450 करोड़ रुपये जुटाए। इसमें बिहार सबसे आगे रहा, जिसने 30 वर्ष की अवधि के लिए 7.43 प्रतिशत की कट-ऑफ यील्ड के साथ 2,000 करोड़ रुपये जुटाए। 
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : ANI
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विस्तार
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राज्य सरकार की प्रतिभूतियों (एसजीएस) की ताजा नीलामी में देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कुल 8,450 करोड़ रुपये जुटाए। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी अधिसूचित पूरी राशि स्वीकार कर ली। नीलामी में कट-ऑफ प्रतिफल 6.4377 प्रतिशत से 7.43 प्रतिशत के बीच रहा। 

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बिहार रहा सबसे आगे

  • बिहार सबसे आगे रहा। राज्य ने 30 वर्ष की अवधि के लिए 7.43 प्रतिशत की कट-ऑफ यील्ड के साथ 2,000 करोड़ रुपये जुटाए। 
  • इसके बाद तेलंगाना ने 35 वर्ष की अवधि के लिए 7.33 प्रतिशत की कट-ऑफ यील्ड के साथ 1,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया।
  • गोवा ने 11 वर्ष की अवधि के लिए 7.12 प्रतिशत की दर से 100 करोड़ रुपये जुटाए। 
  • वहीं जम्मू-कश्मीर ने 15 वर्ष की अवधि के लिए 7.35 प्रतिशत की दर से 350 करोड़ रुपये जुटाए।

हरियाणा ने 8.62% एसडीएल 2028 बॉन्ड के री-इश्यू से जुटाए 1,000 करोड़ रुपये

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हरियाणा सरकार का 1,000 करोड़ रुपये का इश्यू 8.62% हरियाणा एसडीएल 2028 बॉन्ड का री-इश्यू था। इसे मूल रूप से 3 सितंबर, 2018 को जारी किया गया था। इस बार यह इश्यू 105.96 रुपये के कट-ऑफ प्राइस पर बिका, जिससे 6.4377% की यील्ड प्राप्त हुई।


महाराष्ट्र ने पुनर्निर्गमों से चार चरणों में जुटाए 4,000 करोड़ रुपये
नीलामी में पुनर्निर्गमों में सबसे अधिक हिस्सेदारी महाराष्ट्र की रही, जहां चार अलग-अलग चरणों में कुल मिलाकर 4,000 करोड़ रुपये जुटाए गए।

  • इनमें 7.14 प्रतिशत के 1,000 करोड़ रुपये के एसजीएस 2045 शामिल हैं, जिन्हें 7.3248 प्रतिशत की उपज के साथ 98.07 रुपये पर दोबारा जारी किया गया।
  • दूसरा, 1,000 करोड़ रुपये का 7.14 प्रतिशत एसजीएस 2046 था, जिसे 7.3170 प्रतिशत प्रतिफल के साथ 98.11 रुपये पर दोबारा जारी किया गया।
  • 7.17 प्रतिशत एसजीएस 2054 की 1,000 करोड़ रुपये की तीसरी नीलामी, 7.4171 प्रतिशत की उपज के साथ 97.07 रुपये पर दोबार जारी की गई।
  • जबकि पिछले 1,000 करोड़ रुपये के 7.16 प्रतिशत एसजीएस 2055 को 7.4173 प्रतिशत की उपज के साथ 96.92 रुपये पर दोबारा जारी किया गया था।

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राजकोषीय घाटे को पूरा करने में मिली मदद
यह यील्ड-आधारित नीलामी आरबीआई के नियमित कर्ज कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई। राज्य विकास ऋण (एसडीएल), राज्य सरकारों द्वारा अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए जारी किए जाते हैं। प्रत्येक राज्य एक निर्धारित सीमा तक उधार ले सकता है। इन प्रतिभूतियों का जोखिम प्रोफाइल केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों के समान होता है, लेकिन आम तौर पर ये उच्च प्रतिफल प्रदान करते हैं, जिससे ये बेहतर रिटर्न चाहने वाले संस्थागत निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन जाते हैं।

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