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Sri Lanka Strike: श्रीलंका में श्रमिक संगठनों ने किया देशव्यापी बंद; जीवनयापन प्रभावित, राष्ट्रपति ये बोले

Wed, 01 Mar 2023 06:01 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sri Lanka Trade Unions Strike: राष्ट्रपति विक्रमसिंघे जो देश के वित्त मंत्री भी हैं ने पिछले साल वैट (मूल्य वर्धित कर) को 15 प्रतिशत बढ़ाने के बाद जनवरी में कॉरपोरेट करों को 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया था। श्रीलंका सरकार ने जनवरी से कर वृद्धि की शुरुआत की। माना जा रहा है कि ऐसा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मांग पर किया गया।
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Sri Lanka Economic Crisis - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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सरकार की ओर कर और उपयोगिता दरों में भारी वृद्धि के विरोध में श्रीलंका के ट्रेड यूनियनों ने बुधवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया। इस दौरान संकटग्रस्त द्वीपीय देश में दैनिक जीवन को ठप कर दिया गया है और हवाई अड्डों, बंदरगाह और बैंकिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सेवाएं बाधित कर दी गईं। 

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विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित ट्रेड यूनियनों ने राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की ओर से जारी आवश्यक सेवाओं के आदेश की अवहेलना करने के बाद हड़ताल का आह्वान किया। हड़ताल के दौरान सरकार से कर वृद्धि को वापस लेने की अपील की गई।

राष्ट्रपति विक्रमसिंघे जो देश के वित्त मंत्री भी हैं ने पिछले साल वैट (मूल्य वर्धित कर) को 15 प्रतिशत बढ़ाने के बाद जनवरी में कॉरपोरेट करों को 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया था। 
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श्रीलंका सरकार ने जनवरी से कर वृद्धि की शुरुआत की। माना जा रहा है कि ऐसा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मांग पर किया गया।

उन्होंने कहा, 'हमने आज सुबह सात बजे से कल सुबह सात बजे तक हड़ताल शुरू की है। हम आवश्यक सेवाओं के आदेश को स्वीकार नहीं करेंगे। बंदरगाह ट्रेड यूनियन के नेता निरोशन गोराकानागे ने मीडिया से कहा, ''यह कर वृद्धि के साथ हमारी कठिनाइयों को बढ़ाने के लिए उठाया गया एक कदम है। 

उन्होंने कहा कि बुधवार को पहुंचने वाले आठ जहाज और कोलंबो बंदरगाह से रवाना होने वाले जहाज हड़ताल से प्रभावित हुए। बैंक कर्मचारियों के ट्रेड यूनियन के एक अधिकारी चन्ना दिसानायके ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका सहित दो सरकारी बैंकों में बुधवार को काम रोक दिया गया है। 

शिक्षक ट्रेड यूनियन के प्रवक्ता जोसेफ स्टालिन ने कहा कि शिक्षक सरकार के कदम का विरोध करने के लिए बांह पर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ की चारुका इलांगसिन्हा ने कहा कि जब तक सरकार कर वृद्धि वापस नहीं लेती तब तक हड़ताल का सहारा लिया जाएगा।

श्रीलंका के राष्ट्रपति सह वित्त मंत्री विक्रमसिंघे ने कहा है कि मौजूदा आर्थिक संकट से उबरने के लिए कर बढ़ाना एक जरूरी कदम है। हालांकि, ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि कर संशोधन आईएमएफ को खुश करने के लिए किया गया था क्योंकि द्वीप को वैश्विक ऋण प्रदाता से 2.9 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज को मंजूरी मिलने का इंतजार है।  

विक्रमसिंघे ने कहा कि श्रीलंका को अपने कर राजस्व को 2019 के स्तर तक बढ़ाने की जरूरत है। 2019 में विक्रमसिंघे के पूर्ववर्ती गोटबाया राजपक्षे ने आईएमएफ बेलआउट की मांग को नजरअंदाज करते हुए कर राजस्व में भारी कमी की थी। वर्तमान राष्ट्रपति ने कहा कि वह उच्च करों से लोगों पर पड़ने वाले बोझ से अवगत हैं, लेकिन उच्च कर श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था के बचाव अभियान का हिस्सा हैं। 

आईएमएफ ने पिछले साल सितंबर में श्रीलंका को 1.30 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज को मंजूरी दी थी, जो चार साल से अधिक समय से लंबित है।    बुधवार की हड़ताल से आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ सकती है। चुनाव आयोग ने घोषणा की कि स्थानीय निकाय चुनाव योजना के अनुसार 24 मार्च को नहीं होंगे, और एक नई तारीख 15 मार्च को अधिसूचित की जाएगी।

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