Sri Lanka Crisis: सेंट्रल बैंक के गवर्नर पी. नंदलाल वीरासिंघे देश में बीते अप्रैल से आर्थिक संकट शुरू होने के बाद से लगातार आईएमएफ के साथ बातचीत कर बेल आउट पैकेज पाने की कोशिशों में जुटे हैं। बीते मई महीने में उन्होंने कहा था कि अगर 2.20 करोड़ की आबादी वाले समु्द्र तटीय देश में अगर राजनीतिक हालत नहीं सुधरे तो वे अपना पद छोड़ देंगे।
श्रीलंका के सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने कहा है कि वे अपने पद पर बने रहेंगे उन्होंने इस बात को लेकर चेताया भी है कि अगर देश में हालात नहीं सुधरे तो इससे इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड से चल रही बेलआउट पैकेज की बातचीत प्रभावित होगी और बेलआउट मिलने में देरी होगी।
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आपको बता दें कि श्रीलंका के सेंट्रल बैंक के गवर्नर पी. नंदलाल वीरासिंघे देश में बीते अप्रैल से आर्थिक संकट शुरू होने के बाद से लगातार आईएमएफ के साथ बातचीत कर बेल आउट पैकेज पाने की कोशिशों में जुटे हैं। बीते मई महीने में उन्होंने कहा था कि अगर 2.20 करोड़ की आबादी वाले समु्द्र तटीय देश में अगर राजनीतिक हालत नहीं सुधरे तो वे अपना पद छोड़ देंगे। आपको बता दें कि श्रीलंका पिछले सात दशकों के सबसे खराब आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है।
आपको बता दें कि बीते तीन दिनों में देश के हालात इतने बिगड़ गए हैं कि वहां के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने ही इस्तीफे की पेशकश कर दी है। बीते शनिवार को प्रदर्शनकारी जहां राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के घर में घुस गए थे वहीं प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे के घर को आग के हवाले कर दिया था। सोमवार को श्रीलंका के प्रधानमंत्री दफ्तर की ओर से यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति राजपक्ष ने उन्हें फोन कर कहा है कि वे इस्तीफा दे रहे हैं।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्रीलंका के केन्द्रीय बैंक के गवर्नर पी. नंदलाल वीरासिंघे ने कहा है कि देश में राजनीतिक अस्थिरता के माहौल से देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिशों को प्रभावित कर सकता है। इससे आईएमएफ के साथ बेलआउट पैकेज के लिए हो रही बातचीत में देरी हो रही है।