स्पाइसजेट एयरलाइन पिछले चार साल से घाटे में चल रही है। इसे 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में क्रमशः 316 करोड़ रुपये, 934 करोड़ रुपये और 998 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। इसके बाद अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान उसे 1,248 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट का घाटा बरकरार है। स्पाइसजेट ने 30 जून 2022 तिमाही के लिए 789 करोड़ रुपये (विदेशी मुद्रा समायोजन को छोड़कर 420 करोड़ रुपये) का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। इससे पिछले वित्त वर्ष में समान तिमाही में विमानन कंपनी को 729 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। विमानन कंपनी ने बुधवार को बयान जारी करके इसकी जानकारी दी। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि उनका व्यापार रिकॉर्ड ईंधन की बढ़ती कीमतों और रुपये में गिरावट के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
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स्पाइसजेट के चेयरमैन और एमडी अजय सिंह ने जताई सुधार की आशा
स्पाइसजेट के चेयरमैन और एमडी अजय सिंह ने कंपनी की इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि विमानन ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही रिकॉर्ड तेजी और रुपये में गिरावट का असर प्रमुख रूप स्पाइसजेट की वित्तीय सेहत पर पड़ा है। कंपनी के एमडी अजय सिंह ने कहा कि वर्तमान में बेहद कठिन परिचालन वातावरण और अब तक की सबसे अधिक लागत के बावजूद हम अपने भविष्य और कंपनी की हालत में निरंतर सुधार को लेकर आशान्वित हैं।
चार साल से घाटे में है कंपनी
बता दें कि स्पाइसजेट एयरलाइन पिछले चार साल से घाटे में चल रही है। इसे 2018-19, 2019-20 और 2020-21 में क्रमशः 316 करोड़ रुपये, 934 करोड़ रुपये और 998 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। इसके बाद अप्रैल-दिसंबर 2021 के दौरान उसे 1,248 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
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स्पाइसजेट के दो और विमानों का पंजीकरण रद्द
इस बीच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने स्पाइसजेट के दो और बोइंग-737 विमानों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अगस्त में किफायती सेवाएं देने वाली एयरलाइन के अब तक छह बोइंग-737 विमानों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है।