केंद्र सरकार जल्द ही छोटे कारोबारियों को जीएसटी में राहत देने जा रही है। वहीं फर्जी जीएसटी बिल से होने वाली राजस्व की हानि को रोकने के लिए अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को जीएसटी के खुफिया निदेशालय ने 300 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी भी की है।
नहीं भरना होगा रिटर्न
दो करोड़ रुपये तक का सालाना कारोबार करने वाली कंपनियों और छोटे कारोबारियों को रिटर्न भरने से छूट मिलेगी। इस बारे में जीएसटी काउंसिल 20 सितंबर को चर्चा करेगी। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सालाना रिटर्न भरने की तारीख तीन बार बढ़ाने के बावजूद रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या सिर्फ 25 फीसदी से 27 फीसदी रही। माना जा रहा है कि पहली बार जीएसटी रिटर्न भरने में कारोबारियों को दिक्कतें हो रही हैं।
30 नवंबर है आखिरी तारीख
सालाना रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 30 नवंबर है। काउंसिल यह फैसला लेगी कि रिटर्न फाइल करने की अनिवार्यता सिर्फ 2017-18 के लिए खत्म की जाए या आने वाले सालों के लिए भी ऐसा किया जाए। यह मत भी है कि सरकार 30 नवंबर तक देखेगी कि रिटर्न फाइलिंग में बढ़ोतरी होती या नहीं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड 1.39 करोड़ कारोबारों में से 85 फीसदी ऐसे हैं जो दो करोड़ रुपये या इससे कम टर्नओवर वाले हैं। 2018-19 का रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है।
फर्जी बिल रोकने के लिए पड़े छापे
वित्त मंत्रालय ने बताया कि फर्जी जीएसटी बिलों को रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। बुधवार को देश के 336 स्थानों पर डीआरआई के साथ मिलकर छापा मारा। इस छापेमारी में दोनों एजेंसियों के 1200 अफसर शामिल हुए। छापेमारी में फर्जी जीएसटी बिलों और ई-वे के बारे में पता लगा है। कुछ निर्यातकों ने आईजीएसटी का भुगतान करने के बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट भी ले लिया।