वित्त वर्ष 2022-23 (आकलन वर्ष 2023-24) के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2023 है। आखिरी समय की हड़बड़ी और गलतियों से बचने के लिए आयकरदाता जितनी जल्द हो सके, कर देनदारी को लेकर योजनाएं बनानी शुरू कर दें।
कर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप अच्छी तरह से योजना नहीं बनाते हैं तो आपकी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा कर देनदारी में चला जाता है। 6 तरीके हैं, जिनकी मदद से आप कर देनदारी घटाने की योजना बना सकते हैं।
1 जल्द करें शुरुआत
आखिरी समय में टैक्स को लेकर योजना बनाने से बचें। जल्दबाजी में संभव है कि आप उन कर बचत योजनाओं में निवेश कर दें, जो महंगी हों पर फायदेमंद नहीं।
2 जुटा लें सभी दस्तावेज
रिटर्न भरने करने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज जुटा लें। इनमें सैलरी स्लिप, फॉर्म-16/16ए/16बी/16सी, फॉर्म-26एएस, ब्याज आय, होम लोन, शेयरों एवं अन्य योजनाओं में निवेश के विवरण आदि शामिल हैं। इनके जरिये आप आयकर कानून की धारा-80सी, 80डी, 80ई, 80टीटीए के जरिये छूट पा सकते हैं।
3 कर बचत वाली सही योजनाएं चुनें
यह तरीका फायदेमंद है क्योंकि इससे अपने वित्तीय लक्ष्यों को समय पर हासिल करने में मदद मिलती है। आयकर कानून-1961 के तहत कई तरह की छूट की पेशकश की जाती है। इसलिए अपनी निवेश रणनीति और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार ही इन योजनाओं में निवेश करें।
विभिन्न पोर्टल पर टैक्स प्लानिंग वाले टूल उपलब्ध होते हैं। ये आपको कर बचत वाली सही योजनाएं चुनने में मदद कर सकते हैं।
4 सकल आय का ब्योरा रखें
एक वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कुल आय की गणना करें। इनमें वेतन, पूंजीगत लाभ, मकान किराया, कारोबार या पेशेवर सेवा से कमाई, ब्याज आय या लाभांश आदि शामिल हैं। इसके अलावा, शुद्ध कर योग्य आय की भी गणना करें। इसके लिए सकल आय में से 80सी, 80डी, 80डीडीबी आदि जैसी कटौतियों को घटा सकते हैं।
5 कर देनदारी की गणना करें
आपको कहीं से आय प्राप्त हुई है या कोई संपत्ति मिली है तो कर देनदारी बनेगी। कटौतियों व छूट का दावा कर इस देनदारी को घटा सकते हैं। इसके लिए विशेषज्ञों या सीए की सलाह ले भी सकते हैं।
6 सही सलाहकार का चयन
रिटर्न भरने के लिए सही कर सलाहकार चुनें। अगर आपके पास चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) है तो वित्त वर्ष खत्म होने से कुछ सप्ताह पहले उनसे जरूर मिलें ताकि वह कर देनदारी कम करने के लिए कुछ सुझाव दे सकें।
प्रमुख खर्चों व निवेश की सूची जरूर बनाएं
आयकर रिटर्न दाखिल करने में होने वाली मुश्किलों से बचने के लिए किए गए सभी प्रमुख खर्चों और निवेश की सूची बनाएं। अपने पिछले साल की रिटर्न फाइल की कॉपी तैयार रखें। इसके अलावा, कर कानूनों में किसी भी बदलाव को लेकर अपडेट रहें। -बलवंत जैन, टैक्स एवं निवेश सलाहकार