केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को पूर्ववर्ती ‘‘कांग्रेस नीत सरकार’’ पर महाराष्ट्र में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन और आरे कॉलोनी में मुंबई मेट्रो कार शेड समेत प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस, अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और अविभाजित शिवसेना की पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार ने भी तब बाधाएं पैदा कीं, जब केंद्र सरकार ने मुंबई के उपनगरीय रेलवे नेटवर्क की समस्याओं को हल करने की कोशिश की गई।
सीतारमण महाराष्ट्र में भाजपा विधायक दल की बैठक में बोल रही थीं, जहां भाजपा के नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया। सीतारमण के साथ गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता विजय रूपाणी भी केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद थे। उन्होंने कहा, "अगर एमवीए कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में नहीं होती, तो मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पहले ही शुरू हो गई होती।"
सीतारमण ने मुंबई मेट्रो परियोजना के तहत आरे कार शेड निर्माण में देरी पर भी सवाल उठाया। पर्यावरण समूहों की ओर से आरे कॉलोनी क्षेत्र में इसके निर्माण का विरोध किए जाने के बाद एमवीए सरकार ने इसका स्थान बदल दिया था।उन्होंने 20 नवंबर को हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों को "अभूतपूर्व और अप्रत्याशित" बताया और भाजपा की सफलता का श्रेय पूर्ववर्ती "कांग्रेस नीत एमवीए सरकार" से मतदाताओं के असंतोष को दिया।
उन्होंने कहा, "लोग कांग्रेस नीत गठबंधन की कार्यप्रणाली से थक चुके थे और चिंतित थे। इसीलिए उन्होंने स्पष्ट जनादेश दिया है। हम लोगों को कांग्रेस शासन के दौरान हुए नुकसान की याद दिलाएंगे।"
सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "डबल इंजन सरकार" (राज्य में भाजपा नीत सरकार, जो पार्टी नीत केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हो) चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरा करेगी और महाराष्ट्र को तेजी से विकास की ओर ले जाएगी। उन्होंने राज्य के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों का उल्लेख किया, जैसे 76,000 करोड़ रुपये की वधावन बंदरगाह परियोजना और मराठी को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देना।
उन्होंने कहा, "मुंबई देश की वित्तीय राजधानी है और फिनटेक क्षेत्र सहित आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हमारे प्रयासों से इस क्षेत्र में महाराष्ट्र का नेतृत्व बरकरार रहेगा।"
वित्त मंत्री ने अपने संबाधन में उत्तर महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में कृषि बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की योजना की भी रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें प्याज, लहसुन और अंगूर जैसी फसलों के लिए नए गोदामों और वैज्ञानिक पैकेजिंग इकाइयों में निवेश शामिल है। उन्होंने कहा कि पुणे और तीर्थ नगरी पंढरपुर के बीच वारकरी कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं दर्शाती हैं कि महाराष्ट्र और इसकी संस्कृति प्रधानमंत्री के लिए कितनी मायने रखती है। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्टी विधायकों से कहा, "आइए महाराष्ट्र को एक शक्तिशाली राज्य बनाएं। हम एक हैं तो सुरक्षित हैं।"