राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में डिजिटल पेमेंट अवॉर्ड्स 2025 के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड से समाधान की बात पर जोर दिया। उन्होंने फिनटेक स्टार्टअप्स से अपील की कि वे डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, डिजिटल गिरफ्तारी और डीपफेक जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस तकनीकी समाधान लेकर आएं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को भारत में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे मामलों में तकनीकी समाधान लाने की बात पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने फिनटेक स्टार्टअप्स से अपील की कि वे देश में इस प्रकार से बढ़ते डिजिटल फ्रॉड के मामलों से निपटने के लिए तकनीकी समाधान लेकर आएं।
इसके साथ ही सीतारमण ने बताया कि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपीआई पेमेंट्स की स्वीकार्यता बढ़ रही है। भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई के चुनिंदा दुकानों पर यूपीआई से भुगतान संभव है। उन्होंने कहा कि हमारे फिनटेक मॉडल को दुनिया भर में अपनाया जा सकता है।
भारत का फिनटेक मार्केट
वहीं निल्मला सीतारमण ने आगे बताया कि भारतीय फिनटेक सेक्टर 2028-29 तक 400 अरब डॉलर के आंकड़े को छू सकता है और इसकी सालाना वृद्धि दर 30% रहने का अनुमान है। इसके साथ ही सीतारमण ने यह भी बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना से अब तक ₹44 लाख करोड़ सीधे लोगों के खातों में भेजे गए हैं, जिससे ₹3.48 लाख करोड़ की बचत हुई है।
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फिजिटल मॉडल होगा भवि ष्य