सिंगापुर ने मंगलवार को एक नया कानून पारित किया, जिसके तहत पुलिस को बैंकों को संभावित घोटाले के पीड़ितों के बैंकिंग लेनदेन को प्रतिबंधित करने का आदेश देने की शक्ति प्रदान की गई है। सिंगापुर के गृह और सामाजिक वपारिवारिक विकास राज्य मंत्री सन ज़ुएलिंग ने संसद में विधेयक को दूसरी बार पेश करते हुए कहा कि घोटालों से सुरक्षा विधेयक ऐसे समय में लाया गया है जब ऐसे घोटाले सिंगापुर में एक "गंभीर चिंता" का विषय बने हुए हैं।
चैनल न्यूज एशिया ने सदन में मंत्री के बयान के हवाले से बताया, "सर्वसम्मति से पारित यह विधेयक पुलिस को निर्णायक रूप से कार्य करने और घोटालेबाजों के खिलाफ हमारे शस्त्रागार में मौजूद कमी को पूरा करने की अनुमति देता है।" विधेयक पुलिस और वाणिज्यिक मामलों के विभाग सहित निर्दिष्ट अधिकारियों को बैंकों को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने की अनुमति देगा, यदि इस बात का पता चले कि खाताधारक घोटालेबाजों को धन हस्तांतरित कर रहे हैं।
इन प्रतिबंधात्मक आदेशों के कारण धन हस्तांतरण, एटीएम सुविधाओं का उपयोग और सभी ऋण सुविधाएं निलंबित हो जाएंगी, हालांकि व्यक्तियों को दैनिक जीवन व्यय के लिए धन उपलब्ध कराया जाएगा। सन ने सदन को बताया, "इसका उद्देश्य पुलिस को और अधिक समय देना है ताकि वह व्यक्ति से संपर्क कर सके और उसे विश्वास दिला सके कि उसके साथ धोखाधड़ी हो रही है, जिसमें उसके परिवार के सदस्यों की मदद लेना भी शामिल है।"
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध आदेश सात घरेलू प्रणालीगत महत्वपूर्ण बैंकों (डीएसआईबी) - डीबीएस, ओसीबीसी, यूओबी, सिटीबैंक, एचएसबीसी, मेबैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक- को प्रभावित करेंगे। इन बैंकों के पास सिंगापुर में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के खाते हैं। ये आदेश गैर-डीएसआईबी बैंकों को भी जारी किए जा सकते हैं, यदि ऐसा मानने का कारण हो कि पीड़ित घोटालेबाजों को धन हस्तांतरित करेंगे।
सन ने कहा कि गृह मंत्रालय (एमएचए) “किसी व्यक्ति को और अधिक नुकसान से बचाने और उसे अनावश्यक रूप से असुविधा न पहुंचाने के बीच संतुलन बनाने की जरूरत के प्रति सजग है।” कई सुरक्षा उपाय लागू हैं, जैसे प्रतिबंध आदेश केवल अंतिम उपाय के रूप में जारी किए जाएं, “यदि व्यक्ति को समझाने के सभी अन्य प्रयास विफल हो गए हों।” सन ने कहा कि व्यक्ति प्रतिबंध आदेशों के विरुद्ध पुलिस आयुक्त के समक्ष अपील भी कर सकते हैं। गृह मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि यह प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो।
विधेयक प्रतिबंध आदेश की अवधि को “शुरू में अधिकतम 30 दिन” तक सीमित कर देगा। यदि अधिकारी आवश्यक समझे तो प्रत्येक आदेश को पांच बार तक बढ़ाया जा सकता है। पांच बार विस्तार के बाद, प्रतिबंध आदेश "समाप्त हो जाएगा... भले ही पीड़ित को अब भी घोटालेबाज को और अधिक धनराशि हस्तांतरित करने का जोखिम हो। मंत्री ने कहा, "गृह मंत्रालय इस मामले में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाता है। हम पीड़ित को अनिश्चित काल तक मदद मुहैया नहीं करवा सकते, न ही हमारे पास ऐसा करने के लिए संसाधन हैं।"
संभावित घोटालों से ग्राहकों को बचाने के लिए बैंकों की 'मनी लॉक' सुविधा के अंतर्गत लगभग 15.8 बिलियन सिंगापुर डॉलर की धनराशि अलग रखी गई है। उन्होंने कहा कि घोटाले के पीड़ितों को सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से परामर्श दिया जाना चाहिए और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जानी चाहिए। ये सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस को यह निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं कि प्रतिबंध आदेश से पीड़ित को लाभ होगा या नहीं।