कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश की लगातार निकासी के बीच घरेलू शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी दोनों शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। वहीं निवेशक आगामी जीएसटी काउंसिल की बैठक को लेकर भी सतर्क दिखे।
सेंसेक्स की कंपनियों में इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और ट्रेंट शुरुआती कारोबार में नुकसान में रहीं। वहीं, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ईटरनल, आईटीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा में तेजी दर्ज की गई।
बाजार सहभागियों को उम्मीद है कि परिषद आर्थिक विकास को समर्थन देने तथा घरेलू खपत को बढ़ावा देने के लिए उपायों की घोषणा कर सकती है, ऐसे समय में जब बाहरी चुनौतियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी परिषद का फैसला आने वाले दिनों में बाजार की चाल को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने एएनआई को बताया कि वैश्विक संकेत नकारात्मक हैं, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। सितंबर की शुरुआत अमेरिकी शेयर बाजारों के लिए नकारात्मक रही और बड़ी टेक कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। आज सुबह एशियाई बाजार भी दबाव में हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय बाजार उपभोग करों को कम करने और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी परिषद के फैसलों की ओर देखेंगे। बाजार स्थिर से नकारात्मक हैं, फैसले का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि यह त्योहारी सीजन में व्यक्तिगत खपत को बढ़ावा देने की दिशा निर्धारित करेगा जो भारत में आर्थिक विकास को गति दे सकता है।
वहीं अगर बात विदेशी बाजारों की करें तो एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक बढ़त में रहा, जबकि जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कॉम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार भी मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.39 प्रतिशत टूटकर 68.87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को घरेलू शेयरों में से 1,159.48 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।