सोमवार से शुरू हुए संसद के मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) विधेयक को क़ानून बनाने की पूरी कोशिश कर रही है। लोकसभा से पारित और राज्यसभा में लंबित इस विधेयक को लेकर कई राज्य आपत्ति जताते रहे हैं और इसी वजह से इस पर राजनीतिक दलों में आमराय नहीं बन पाई है।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स बिल को संसद में पारित कराने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विपक्षी दलों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, "जीएसटी राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। मसला ये नहीं है कि कौन सरकार इसका श्रेय लेती है।"
इस पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, "हमने ये फैसला नहीं लिया है कि हमें किसी विधेयक को रोकना है। हम मेरिट के आधार पर फैसला करेंगे। जो भी विधेयक जनता और विकास के पक्ष में होगा हम उसका समर्थन करेंगे।" संभव है कि जीएसटी बिल पर चर्चा मंगलवार को शुरू हो।