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आपके जीवन से जुड़ी जीएसटी बिल की 7 बातें

Mon, 18 Jul 2016 08:00 PM IST
बीबीसी
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सोमवार से शुरू हुए संसद के मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) विधेयक को क़ानून बनाने की पूरी कोशिश कर रही है। लोकसभा से पारित और राज्यसभा में लंबित इस विधेयक को लेकर कई राज्य आपत्ति जताते रहे हैं और इसी वजह से इस पर राजनीतिक दलों में आमराय नहीं बन पाई है।
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गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स बिल को संसद में पारित कराने के मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विपक्षी दलों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, "जीएसटी राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। मसला ये नहीं है कि कौन सरकार इसका श्रेय लेती है।"

इस पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि, "हमने ये फैसला नहीं लिया है कि हमें किसी विधेयक को रोकना है। हम मेरिट के आधार पर फैसला करेंगे। जो भी विधेयक जनता और विकास के पक्ष में होगा हम उसका समर्थन करेंगे।" संभव है कि जीएसटी बिल पर चर्चा मंगलवार को शुरू हो।
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जीएसटी विधेयक

सात अलग-अलग बिंदुओं की मदद से आइए समझें क्या है जीएसटी-

1. रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुएं जैसे कि मोबाइल हैंडसेट, कार, सिगरेट, शराब, आदि गुड्स में शामिल हैं।
2. सर्विसिज यानी टेलीकॉम, बुकिंग सेवाएं जिसके लिए 14 फीसद टैक्स देना होता है।
3. फिलहाल भारत में गुड्स और सर्विसेज के लिए अदा किए जाने वाले टैक्स की दरें अलग-अलग हैं।
4. सर्विसेज के लिए टैक्स की दर 14 फीसदी है जबकि गुड्स के लिए टैक्स की दर अलग-अलग है।
5. जीएसटी का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज के लिए टैक्स रेट एक होगा।
6. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बिल के पास हो जाने से टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन आसान होगा।
7. भारत में 20 तरह के टैक्स लगते हैं और जब एक टैक्स इन सबकी जगह ले लेगा तो वो होगा जीएसटी।
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