भारत में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां जनवरी माह में सात साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। आईएचएस मार्कीट इंडिया सर्विसेज के अनुसार जनवरी में सेवा क्षेत्र सूचकांक (पीएमआई) 55.5 पर पहुंच गया। यह दिसंबर में 53.3 पर था।
आईएचएस ने कहा है कि घरेलू मांग में बढ़ोतरी के चलते यह उछाल देखने को मिला है। अब बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि मांग मे तेजी होने के बावजूद कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि भी देखने को मिली है। इससे पहले फरवरी 2013 में सेवा क्षेत्र की पीएमआई में इतनी तेजी देखने को मिली थी। पीएमआई में सबसे ज्यादा तेजी ग्राहक सेवा सेक्टर में आई है।
पीएमआई सूचकांक 50 से अधिक होने पर अच्छा माना जाता है। वहीं इससे नीचे का सूचकांक अर्थव्यवस्था के लिए खराब माना जाता है। आईएचएस मार्कीट की मुख्य अर्थशास्त्री पॉलियाना डि लीमा ने कहा कि कारोबार से होने वाली रेवेन्यू में इजाफा होने से सेवा क्षेत्र में लगी कंपनियों ने अपनी उत्पादन क्षमता में वृद्धि कर दी है। यह नौकरी पाने वाले लोगों के लिए काफी अच्छी खबर है। रोजगार क्षेत्र में अगस्त 2012 के बाद सबसे ज्यादा इजाफा होने वाला है। मैन्युफेक्चरिंग और सेवा क्षेत्र काफी तेजी से आगे बढ़े हैं।