सेवा क्षेत्र की गतिविधियों मई महीने में तेज सुधार देखने को मिला है और बढ़ते मूल्य दबावों के बीच भी ये 11 वर्षों में सबसे मजबूत दर से बढ़ी हैं। एक मासिक सर्वेक्षण में शुक्रवार को कहा गया है कि भले ही इनपुट लागत मुद्रास्फीति रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन इसके बावजूद मांग बढ़ने और नए काम में मजबूत वृद्धि के कारण इस क्षेत्र का पीएमआई इंडेक्स अप्रैल में 57.9 से बढ़कर मई में 58.9 हो गया।
एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज की रिपोर्ट में एसोसिएट डायरेक्टर अर्थशास्त्री पोलियाना डी लीमा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के फिर से खुलने से सेवा क्षेत्र में वृद्धि में लगातार मदद मिलती रही। मई में जुलाई 2011 के बाद यानी 11 वर्षों में व्यावसायिक गतिविधि सबसे तेज गति से आगे बढ़ी हैं, जो नए ऑर्डर में सबसे तेज बढ़ोतरी से समर्थित हैं। गौरतलब है कि लगातार दसवें महीने सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिली है। परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) की भाषा में इसके 50 से ऊपर रहने का मतलब विस्तार से होता है, जबकि 50 से नीचे रहना संकुचन को प्रदर्शित करता है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि सेवा क्षेत्र में इनपुट लागत बढ़ने के बीच बोझ भी तेज दर से बढ़ा है। व्यवसायिक गतिविधि के लिए 12 महीने के दृष्टिकोण के प्रति आशावादी बने रहने के बावजूद, एस एंड पी ग्लोबल इस बात से चिंतित हैं कि मुद्रास्फीति के दबाव से आर्थिक सुधार प्रभावित हो सकता है। इस बीच बता दें कि एसएंडपी ग्लोबल इंडिया कम्पोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स जो संयुक्त सेवाओं और विनिर्माण उत्पादन को मापता है अप्रैल के 57.6 से बढ़कर मई में 58.3 हो गया, जो पिछले नवंबर के बाद से सबसे तेज विस्तार दर की ओर इशारा करता है।