Serum Institute of India: प्रारंभिक शिपमेंट आने वाले दिनों में मध्य अफ्रीकी गणराज्य (सीएआर) को भेजा जाएगा। इसके बाद अन्य अफ्रीकी देशों जैसे दक्षिण सूडान और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य को भेजा जाएगा।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने आर21/मैट्रिक्स-एम मलेरिया वैक्सीन की पहली खुराक अफ्रीकी देशों को भेज दी है, जहां बीमारी का बड़ा प्रकोप है। अफ्रीकी देशों में मलेरिया वैक्सीन का वितरण मलेरिया के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक शिपमेंट आने वाले दिनों में मध्य अफ्रीकी गणराज्य (सीएआर) को भेजा जाएगा। इसके बाद अन्य अफ्रीकी देशों जैसे दक्षिण सूडान और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य को भेजा जाएगा। सीएआर क्षेत्र के लिए विशेष रूप से आवंटित कुल 163,800 खुराक में से 43,200 खुराक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की ओर से भेजी जाएंगी।
इस नए टीके को बनाने में साझेदार एसआईआई, नोवावैक्स और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने इस उपलब्धि का जश्न एक कार्यक्रम का आयोजन कर मनाया। इस कार्यक्रम में भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान तीन देशों- भारत, अमेरिका और यूके के बीच सफल वैश्विक साझेदारी पर प्रकाश डाला गया। अब तक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने सालाना 100 मिलियन खुराक की क्षमता विकसित करने के साथ 25 मिलियन खुराक का निर्माण किया है।
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अक्टूबर 2023 की शुरुआत में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बच्चों में मलेरिया की रोकथाम के लिए R21/मैट्रिक्स-एम वैक्सीन की सिफारिश की थी। RTS,S/AS01 वैक्सीन के बाद R21 वैक्सीन WHO द्वारा अनुशंसित दूसरी मलेरिया वैक्सीन है। WHO ने RTS,S/AS01 वैक्सीन की सिफारिश 2021 में की थी।