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The Bonus Market Update: शेयर बाजार में सपाट शुरुआत, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी का क्या हाल

Thu, 07 May 2026 09:25 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

The Bonus Market Update: पश्चिम एशिया में हालात बेहतर होने की उम्मीदें बढ़ने के बाद घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को करीब-करीब सपाट शुरुआत हुई। आइए जानते हैं शेयर बाजार का हाल विस्तार से।
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शेयर बाजार का हाल - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार की सुबह सपाट शुरुआत हुई। कारोबार शुरू होने के दौरान सेंसेक्स में 100 अंक से अधिक की बढ़त दिखी और निफ्टी 24,350 के पार चला गया। हालांकि उसके बाद बिकवाली के दबाव से बाजार में नरमी नजर आने लगी। देखते ही देखते सेंसेक्स 160.24 अंक गिरकर 77,798.28 पर आ गया; निफ्टी 30.25 अंक गिरकर 24,300.70 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ट्रेंट और एसबीआई के शेयर शीर्ष लाभ में रहे।

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गुरुवार को कारोबार शुरू होने के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर 94.77 पर आ गया, क्योंकि बाजार की भावना में नाटकीय बदलाव आया जब ऐसी खबरें सामने आईं कि अमेरिका और ईरान तनाव कम करने और बातचीत फिर से शुरू करने के उद्देश्य से 14 सूत्री समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर चर्चा कर रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू बाजार से विदेशी फंडों की लगातार हो रही निकासी ने एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स  और निफ्टी में गिरावट और भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशकों ने पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए बाजार में बेहद सतर्क रुख अपनाया है।
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शुरुआती कारोबार के अहम आंकड़े और बाजार का हाल
गुरुवार की सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव साफ नजर आया:

  • सेंसेक्स और निफ्टी: 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती सौदों में 160.24 अंक लुढ़ककर 77,798.28 के स्तर पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 30.25 अंकों की गिरावट के साथ 24,300.70 पर पहुंच गया।
  • उतार-चढ़ाव का दौर: शुरुआती गिरावट के बाद दोनों बेंचमार्क इंडेक्स पूरे सत्र के दौरान उच्च और निचले स्तरों के बीच झूलते नजर आए।
  • विदेशी निकासी: बाजार पर दबाव का एक बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली है। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को एफआईआई ने 5,834.90 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों की भारी बिकवाली की। 

गौरतलब है कि एक दिन पहले बुधवार को सेंसेक्स 940.73 अंक (1.22 प्रतिशत) की बड़ी छलांग के साथ 77,958.52 पर और निफ्टी 298.15 अंक (1.24 प्रतिशत) उछलकर 24,330.95 पर बंद हुआ था। 

टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स

बाजार की इस अस्थिरता के बीच ऑटो, सीमेंट और बैंकिंग सेक्टर के कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई, जबकि आईटी और फार्मा सेक्टर में दबाव दिखा:

  • मुनाफा कमाने वाले शेयर: महिंद्रा एंड महिंद्रा, इटरनल, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति के शेयर हरे निशान में कारोबार करते हुए टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
  • नुकसान उठाने वाले शेयर: दूसरी ओर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा और सन फार्मा जैसे दिग्गजों के शेयर शुरुआती कारोबार में पिछड़ गए।

वैश्विक संकेत और कच्चे तेल का दबाव

वैश्विक मोर्चे पर एशियाई और अमेरिकी बाजारों से सकारात्मक संकेत मिले, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों ने चिंता बढ़ा दी है:

  • कच्चा तेल: वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.77 प्रतिशत बढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार: एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी बाजार भी बुधवार को भारी बढ़त के साथ बंद हुए थे।

विशेषज्ञों का विश्लेषण

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने बताया कि पश्चिम एशिया में राजनीतिक अस्थिरता का खेल चल रहा है, जिसके जवाब में कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया, "बाजार इस वक्त उम्मीद और डर के बीच झूल रहा है और यह स्थिति तब तक जारी रह सकती है जब तक इस भू-राजनीतिक संकट का कोई निश्चित समाधान नहीं निकल जाता"। 

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने बाजार की चाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नरम ऊर्जा की कीमतें और सकारात्मक वैश्विक संकेत शॉर्ट-टर्म मैक्रो दबावों को कम करने में मदद कर रहे हैं, जिससे एक रचनात्मक माहौल बन रहा है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि भावनाएं अधिक आशावादी होने के बावजूद, निवेशक सतर्क हैं और ईरान की आगामी प्रतिक्रिया, तेल की कीमतों में नई अस्थिरता और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

अब आगे के लिए क्या संकेत?

गुरुवार का अस्थिर कारोबारी सत्र इस बात का साफ संकेत है कि वैश्विक बाजारों की मजबूती के बावजूद विदेशी फंडों का बाहर जाना घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। आने वाले समय में भारतीय बाजारों की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया में ईरान के रुख और 100 डॉलर के पार जा चुके कच्चे तेल की कीमतों की स्थिरता पर निर्भर करेगी।

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