भारतीय शेयर बाजारों ने वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी सत्र का समापन एक मजबूत बढ़त के साथ किया। पिछले कुछ दिनों से जारी सुस्ती और गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए, बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1 प्रतिशत तक चढ़कर बंद हुए। इस तेजी का मुख्य श्रेय घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की निरंतर खरीदारी और साल के अंत में हुई 'शॉर्ट कवरिंग' को जाता है।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, टाइटन और ट्रेंट आज के सबसे बड़े 'टॉप गेनर्स' रहे। इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार को निचले स्तरों से उबारने में मदद की। दूसरी ओर, आईटी और फार्मा सेक्टर के कुछ दिग्गजों में दबाव देखा गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और सन फार्मा पिछड़ने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे।
बाजार के रुख पर टिप्पणी करते हुए एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा, "भारतीय इक्विटी बाजारों ने वर्ष के अंतिम सत्र का समापन सकारात्मक नोट पर किया। बाजार का सेंटिमेंट स्पष्ट रूप से तेजी की ओर मुड़ गया है, हालांकि प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल अभी भी बरकरार हैं। साल के अंत में रिस्क लेने की क्षमता में सुधार देखा गया, जो मुख्य रूप से शॉर्ट कवरिंग और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी से प्रेरित था।"
एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रुख अभी भी सावधानी भरा है। मंगलवार को FIIs ने 3,844.02 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार को सहारा देते हुए 6,159.81 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की।
एशियाई बाजार में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई कंपोजिट में तेजी रही। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.31% बढ़कर 61.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में देखी गई पांच दिनों की गिरावट के बाद बुधवार की रिकवरी निवेशकों के लिए राहत भरी रही। साल 2025 में निफ्टी का 10.50% का रिटर्न भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद को दर्शाता है। अब निवेशकों की नजर 2026 की पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों और आगामी केंद्रीय बजट के संकेतों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।