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Share Market: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर शेयर बाजार पर; सेंसेक्स 511 अंक टूटा, निफ्टी 25000 से फिसला

Mon, 23 Jun 2025 03:45 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Sensex-Nifty Closing Bell: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी दिखा। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 511.38 अंक या 0.62 प्रतिशत गिरकर 81,896.79 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 140.50 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 24,971.90 अंक पर आ गया। रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले 21 पैसे की गिरावट के साथ 86.76 (अस्थायी) के स्तर पर पहुंचकर बंद हुआ।
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बाजार का हाल - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका की ओर से ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर बमबारी के बाद मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सोमवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई।

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दिन के कारोबार में 900 अंक से अधिक की गिरावट के बाद 30 शेयरों वाला सूचकांक कुछ हद तक उबरकर 511.38 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,896.79 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 931.41 अंक या 1.13 प्रतिशत गिरकर 81,476.76 अंक पर आ गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 140.50 अंक या 0.56 प्रतिशत गिरकर 24,971.90 अंक पर आ गया।

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का क्या हाल रहा?

अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों - फोर्डो, नतांज और इस्फहान- पर बमबारी की, जिससे वह सीधे तौर पर इस्राइल-ईरान संघर्ष में शामिल हो गया। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एचसीएल टेक, इंफोसिस, लार्सन एंड टूब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और मारुति सबसे ज्यादा पिछड़े। इसके विपरीत, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बजाज फाइनेंस और कोटक महिंद्रा बैंक लाभ में रहे।

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक नीचे बंद हुए, जबकि शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग ऊपर बंद हुए।

वैश्विक बाजार में भी दिखा गिरावट का रुख

मध्य सत्र में यूरोपीय बाजार गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। इससे पहले, शुक्रवार को अमेरिकी बाजार अधिकतर गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.49 प्रतिशत बढ़कर 77.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "पिछले शुक्रवार को मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद में बाजार में तेजी आई थी। ऐसा अमेरिका की ओर से इस्राइल-ईरान संघर्ष में अपनी भागीदारी पर विचार-विमर्श करने के लिए दो सप्ताह का समय दिए जाने की घोषणा के बाद हुआ। हालांकि, सप्ताहांत में ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिका के अप्रत्याशित हवाई हमले ने उन उम्मीदों को धूमिल कर दिया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और घरेलू इक्विटी बाजार में हलचल दिखी।"

शुरुआती झटकों से पार पाने में सफल रहा शेयर बाजार

उन्होंने कहा कि शुरुआती झटके के बावजूद, पूंजीगत वस्तुओं और धातु शेयरों में बढ़त के कारण बाजार ने अपने नुकसान की कुछ भरपाई कर ली, क्योंकि तेल आपूर्ति में तत्काल व्यवधान की आशंका नरम पड़ गई। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 7,940.70 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी। इससे पहले, शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,046.30 अंक या 1.29 प्रतिशत बढ़कर 82,408.17 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 319.15 अंक या 1.29 प्रतिशत चढ़कर 25,112.40 अंक पर बंद हुआ था।

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