भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की खबरों के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक आसमान छू गए। बाजार की बढ़त को अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध के नरम पड़ने का भी फायदा मिला। दोनों देश इस समझौते पर पहुंचे हैं कि वे 90 दिनों की शुरुआती अवधि के लिए अपने पहले से घोषित पारस्परिक शुल्क और काउंटर टैरिफ वापस ले लेंगे। इस बीच - चीन अमेरिकी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाएगा, और अमेरिका चीनी वस्तुओं पर लगभग 30 प्रतिशत कर लगाएगा।
सोमवार को सेंसेक्स 2,975.43 अंक या 3.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,429.90 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 916.70 अंक या 3.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,924.70 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि अन्य क्षेत्रीय सूचकांक 2-4 प्रतिशत तक उछले। भारतीय शेयर बाजार में फार्मा सेक्टर के शेयरों ने अमेरिका में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में कटौती करने के उद्देश्य से ट्रम्प द्वारा प्रत्याशित कार्यकारी आदेश के कारण शुरुआती दबाव के बावजूद मजबूत लचीलापन दिखाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दर्जनों ऐसे देशों पर पारस्परिक टैरिफ लगाए थे जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है। बाद में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कई देशों की ओर से व्यापार सौदे के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत शुरू करने के बाद 90 दिनों के लिए टैरिफ को रोकने का फैसला किया। 9 अप्रैल से शुरू होने वाले इन 90 दिनों में, राष्ट्रपति ट्रम्प सभी देशों पर 10 प्रतिशत बेसलाइन टैरिफ लगा रहे हैं। चीन के लिए, ट्रम्प ने संकेत दिया था कि टैरिफ 245 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। अमेरिका के लिए, चीनी ने 125 प्रतिशत टैरिफ का एलान किया था।