कोटक सिक्योरिटीज के रिटेल इक्विटी सेगमेंट के प्रमुख श्रीकांत चौहन के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में आखिरी समय पर बाजार का रुझान बदला। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने नए सिरे से दोनों बेंचमार्क सूचकांकों में खरीदारी की और बाजार को ऑल टाइम हाई की ओर जाने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, मजबूत यूरोपीय बाजारों ने दूसरी तिमाही की जीडीपी डेटा घोषणा से पहले निवेशकों की भावना को और मजबूत किया। भारतीय बाजार को वर्तमान में एक मजबूत बाजार के रूप में देखा जा रहा है। हाल के महीनों में अपने मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक प्रदर्शन के कारण वैश्विक आशंकाओं के बावजूद घरेलू बाजार में मजबूती बनी हुई है। तकनीकी रूप से, निफ्टी में अपट्रेंड की निरंतरता दिख रही है। इसके दैनिक चार्ट पर एक लंबी तेजी वाली कैंडिंल बनी है जो मोटे तौर पर सकारात्मक है। हालांकि, हम उच्च स्तर पर कुछ मुनाफावसूली की उम्मीद कर सकते हैं। निफ्टी में 18650 का स्तर रुझानों के निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण स्तर हो सकता है। निफ्टी सूचकांक 18900-18950 तक जा सकता है। हालांकि, यदि इंडेक्स 18650 के नीचे ट्रेड फिसले तो व्यापारी अपनी लॉन्ग पॉजिशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह 18600-18550 तक फिसल सकता है।