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SEBI: सेबी की बड़ी कार्रवाई; DOL शेयर घोटाले में 11 लोगों पर लगा चार करोड़ रुपये का जुर्माना

Wed, 30 Jul 2025 06:37 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बाजार नियामक सेबी ने सोशल मीडिया चैनलों का उपयोग करके डीओएल के शेयर मूल्य में हेरफेर करने के आरोप में 11 व्यक्तियों पर कुल 3.87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में सामने आया कि इस तरह के व्यापार में लिप्त होकर, इन व्यक्तियों ने PFUTP (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध) मानदंडों का उल्लंघन किया है। 
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बाजार नियामक सेबी - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 व्यक्तियों पर कुल 3.87 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सभी पर सोशल मीडिया चैनलों के जरिए दर्शन ओर्ना लिमिटेड (डीओएल) के शेयर मू्ल्य में हेरफेर करने का आरोप है। सेबी ने निर्देश दिया है कि यह जुर्माना 45 दिनों के भीतर चुकाया जाना चाहिए। डीओएल कंपनी सोने-चांदी के आभूषणों का थोक व्यापार करती है।  

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तीन अलग-अलग स्तरों में की गई धोखाधड़ी
सेबी ने बताया कि सिंतबर 2021 से जून 2022 के दौरान डीओएल के शेयरों में एक बहुस्तरीय बाजार हेरफेर योजना तैयार की गई थी। इसमें तीन अलग-अलग परिचालन स्तरों में ये संस्थाएं शामिल थी। 

  • पहले स्तर (टियर-1) में नोटिसी नंबर 1, आकाश दोशी ने अपने और अपने पिता दिलीप दोशी के खातों के जरिए कंपनी के शेयरों की खरीद की। वहीं, केविन कपाड़िया ने अपनी पत्नी कृति केविन कपाड़िया के खाते से ट्रेडिंग की और अन्य प्रतिभागियों को फंडिंग मुहैया कराई।
  • दूसरे स्तर (टियर-2) में फंडिंग व्यवस्था को सशक्त बनाया गया। सत्येन दलाल ने शेयरों की खरीदारी के दौरान दोशी परिवार को किश्तों में कुल 46 लाख रुपये दिए और बाद में शेयरों की बिक्री के चरण में इनमें से 90 फीसदी रकम वापस प्राप्त कर ली, जिससे इस हेराफेरी की अस्थायी प्रकृति उजागर होती है।
  • तीसरे स्तर (टियर-3) में मैसेज सर्कुलेशन नेटवर्क को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया। इसमें धनपाल गांधी की भूमिका अहम रही, जिन्होंने अन्य इकाइयों और टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के बीच कड़ी का काम किया। उनके साथ अमेश जायसवाल और जलज अग्रवाल भी जुड़े थे, जो TBO नामक टेलीग्राम चैनल पर शेयर खरीद की सिफारिशें पोस्ट करते थे।

डीओएल की शेयर खरीदने के लिए निवेशकों के साथ किया धोखा

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सेबी ने बताया कि इन्होंने कथित तौर पर भोले-भाले निवेशकों को डीओएल के शेयर खरीदने के लिए प्रभावित किया। उसी दौरान, सार्वजनिक शेयरधारकों की संख्या 1,732 से बढ़कर 7,536 हो गई। इसका मतलब जनवरी 2022 से मार्च 2022 की तिमाही के दौरान 335 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 
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डीओएल के शेयरों की कीमत बढ़कर 146.7 रुपये हो गई
इसके अलावा, इस अवधि के दौरान शेयर की कीमत 77 रुपये से बढ़कर 146.7 रुपये हो गई और कुछ व्यक्तियों ने व्यवस्थित रूप से अपने पदों से बाहर निकलते हुए सामूहिक रूप से 2.51 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। सेबी की जांच में सामने आया कि इस तरह के व्यापार में लिप्त होकर, इन व्यक्तियों ने PFUTP (धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार व्यवहार निषेध) मानदंडों का उल्लंघन किया है। 

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