एनएसई पर निवेशक खातों की संख्या 23 करोड़ के पार हो गई है। अप्रैल 2025 में 22 करोड़ का आंकड़ा पार करने के लगभग तीन महीने बाद एनएसई ने एक करोड़ की बढ़त हासिल की। एक्सचेंज ने बुधवार को यह जानकारी दी।
युवा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ी
सामूहिक रूप से, इन पांच राज्यों में सभी निवेशक खातों का लगभग आधा हिस्सा है। वहीं शीर्ष दस राज्यों का योगदान कुल का लगभग तीन-चौथाई है। बाजार प्रतिभागियों में युवा और पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ती जा रही है। उनकी निवेश को समर्थन देने के लिए, सेबी और एनएसई ने जोखिम प्रबंधन, धोखाधड़ी की रोकथाम या दीर्घकालिक निवेश सिद्धांतों पर बड़े पैमाने पर जागरूकता पहल शुरू की है। पिछले पांच वर्षों में एनएसई ने इस क्षेत्र में अपने प्रयासों का काफी विस्तार किया है।
आईएपी संख्या चार गुना बढ़ी
एनएसई द्वारा आयोजित निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों (आईएपी) की संख्या चार गुना बढ़ गई है। वित्त वर्ष 2020 में यह 3,504 से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 14,679 हो गई, और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 8 लाख से ज्यादा प्रतिभागियों तक पहुंची। एनएसई का निवेशक संरक्षण कोष (आईपीएफ) 30 जून, 2025 तक सालाना आधार पर 22 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2,573 करोड़ रुपये हो गया है। भारतीय शेयर बाजारों में महत्वपूर्ण संपत्ति सृजन के संदर्भ में निवेशक शिक्षा पर यह ध्यान और भी महत्वपूर्ण हो गया है।