शेयर बाजार नियामक नियामक सेबी जल्द ही एक विनियमित प्लेटफॉर्म लॉन्च कर सकता है, जहां प्री-आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक पेशकश से पहले) कंपनियां कुछ खुलासे करने के बाद कारोबार कर सकेंगी। नियामक के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह पहल पायलट आधार पर होगी।
बाजार नियामक सेबी इक्विटी डेरिवेटिव उत्पादों की अवधि और परिपक्वता में सुधार लाने पर विचार कर रहा है। इसके अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि नकदी बाजार में कारोबार तेजी से बढ़ा है और तीन साल की अवधि में दैनिक कारोबार दोगुना हो गया है।
पांडे ने फिक्की कैपिटल मार्केट कॉन्फ्रेंस 2025 में कहा, "हम डेरिवेटिव उत्पादों की परिपक्वता प्रोफाइल में सुधार के तरीकों पर हितधारकों के साथ परामर्श करेंगे, ताकि वे हेजिंग और दीर्घकालिक निवेश के लिए बेहतर साबित हो सकें।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इक्विटी डेरिवेटिव्स पूंजी निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन नियामक को गुणवत्ता और संतुलन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
नियामक नकदी इक्विटी बाजारों को गहरा करने के तरीकों की तलाश कर रहा है, साथ ही लंबी अवधि के उत्पादों के माध्यम से डेरिवेटिव की गुणवत्ता को भी बढ़ा रहा है।
पिछले महीने, सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने अल्ट्रा-शॉर्ट-टर्म डेरिवेटिव ट्रेडिंग के बढ़ते प्रभुत्व पर चिंता व्यक्त की थी और चेतावनी दी थी कि इस तरह के रुझान भारत के पूंजी बाजारों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने इन उत्पादों की अवधि और परिपक्वता बढ़ाने के लिए कदम उठाने पर भी विचार किया।