बाजार नियामक सेबी ने नवीनीकरण शुल्क का भुगतान न चुकाने के कारण 13 संस्थाओं का निवेश सलहाकार के रूप में पंजीकरण रद्द कर दिया। निवेश सलाहकार के रूप में कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो गई है।
बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को 13 संस्थाओं का निवेश सलहाकार के रूप में पंजीकरण रद्द कर दिया। यह कंपनियां नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करने में विफल रहे। सेबी (निवेश सलाहकार) विनियमन के तहत, प्रत्येक पंजीकृत निवेश सलाहकार को पंजीकरण को प्रभावी बनाए रखने के लिए सेबी से पंजीकरण प्राप्त होने की तिथि से प्रत्येक पांच वर्ष में नवीकरण शुल्क का भुगतान करना जरूरी है।
पिछले कार्यों के लिए उत्तरदायी होंगी कंपनियां
सेबी ने कहा कि पंजीकरण प्रमाणपत्र की समाप्ति के बावजूद इन संस्थाओं द्वारा अनजान निवेशकों को गुमराह करने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, सेबी ने स्पष्ट किया कि इन संस्थाओं की पंजीकरण रद्द होने के बावजूद, वे निवेश सलाहकार के रूप में अपने पिछले कार्यों या लापरवाहियों के लिए उत्तरदायी रहेंगी।
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इन संस्थाओं के रद्द हुए पंजीकरण
इन 13 संस्थाएं में मंजीत सिंह वोहरा, तरुण कुमार सपरा, गौरी सुगन्या बी, संजय सुबोधचंद्र शुक्ला, शाजी जॉर्ज, रवि मित्तल, वीबीएस इन्वेस्टमेंट्स, रविशंकर के अय्यर, एमजी फंड्स, संदीप आहूजा, हर्ष अग्रवाल, वरुण जालान और गौरव केडिया शामिल हैं।
कंपनियों की पंजीकरण प्रमाणपत्र की अवधि हुई समाप्त
आदेश में कहा गया है कि यह देखते हुए कि संस्थाओं ने पंजीकरण को जारी रखने के लिए नवीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किया है और निवेश सलाहकार के रूप में उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो गई है। सेबी ने उनके पंजीकरण रद्द कर दिए हैं।