2022-23 में ‘मुफ्त’ चुनावी वादे राज्यों को पड़ेंगे महंगे
जिन राज्यों में जल्द चुनाव हैं, वहां राजनीतिक दल कई मुफ्त स्कीमों की घोषणाएं कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में इन पर खर्च राजस्व प्राप्तियों के मुकाबले 1 से 3 प्रतिशत और कर संग्रह के मुकाबले 2 से 10 प्रतिशत पहुंच सकता है। गुजरात में यह क्रमश: 5 से 8 व 8 से 13 तक हो सकता है।
प्रमुख राज्यों में घोषित मुफ्त स्कीमों पर खर्च की मौजूदा स्थिति
| राज्य |
जीएसडीपी के मुकाबले |
राजस्व के मुकाबले |
कर राजस्व के मुकाबले |
| हरियाणा |
0.1 |
0.6 |
0.9 |
| पंजाब |
7 |
17.8 |
45.4 |
| राजस्थान |
0.6 |
3.9 |
8.6 |
| आंध्र प्रदेश |
2.1 |
14.1 |
30.3 |
| बिहार |
0.1 |
0.6 |
2.7 |
| झारखंड |
1.7 |
8.0 |
26.7 |
| मध्यप्रदेश |
1.6 |
10.8 |
28.8 |
| पं. बंगाल |
1.1 |
9.5 |
23.8 |
(सभी आंकड़े प्रतिशत में)
प्रमुख राज्यों में पेंशन फंड के मुकाबले ऐसा रहेगा कर राजस्व
| हिमाचल |
450% |
| पंजाब |
242% |
| झारखंड |
217% |
| छत्तीसगढ़ |
207% |
| राजस्थान |
190% |
| गुजरात |
138% |
इतना बढ़ेगा पुरानी पेंशन से नया बोझ
2020 में बोझ (हजार करोड़), कुल बोझ में हिस्सा, पुरानी पेंशन लाने पर बोझ (लाख करोड़)
| छत्तीसगढ़ |
6,638 |
1.9% |
0.60 |
| झारखंड |
6,005 |
1.7% |
0.54 |
| राजस्थान |
20,761 |
6.0% |
1.87 |
| पंजाब |
10,294 |
3.0% |
0.92 |
| हिमाचल प्रदेश |
5,490 |
1.6% |
0.49 |
| गुजरात |
17,663 |
5.1% |
1.59 |
यूपी : जीएसडीपी का 6.3 प्रतिशत लोन गारंटी
राज्यों की आकस्मिक देनदारी भी तेजी से बढ़ कर 2022 में बजट का 4.5 प्रतिशत हो चुकी हैं। इनमें बजट के अलावा लिया उधार, सरकारी संस्थाओं के लोन और इनके लिए सरकारों की गारंटी शामिल हैं। यूपी में यह लोन गारंटी 6.3 प्रतिशत है।
राज्य : जीएसडीपी के मुकाबले प्रतिशत
- यूपी : 6.3
- हरियाणा : 2.7
- हिमाचल : 1.4
- पंजाब : 1.4
- उत्तराखंड : 0.2
- राजस्थान : 7.1
- तेलंगाना : 11.7
- सिक्किम : 10.8
- आंध्र प्रदेश : 9.8
- राजस्थान : 7.1