चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का 3.8 फीसदी का संशोधित लक्ष्य भी महत्वाकांक्षी है। इस लक्ष्य को पाना सरकार के लिए आसान नहीं नजर आ रहा है। एसबीआई रिसर्च ने रविवार को एक रिपोर्ट में कहा कि यह लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के आखिरी दो महीनों में विनिवेश से करीब 65,000 करोड़ रुपये मिलने और कर संग्रह से राजस्व प्राप्ति में 18 फीसदी की वृद्धि के अनुमान पर आधारित है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दूरसंचार कंपनियों पर समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और आरबीआई से मिले अंतिरम लाभांश ने राजकोषीय मोर्चे पर सरकार की मदद की है। अगर यह नहीं मिलती तो राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को संशोधित कर 3.8 फीसदी की जगह चार फीसदी करना पड़ सकता था। अगर एजीआर से मिलने वाली रकम 90 हजार करोड़ रुपये तक हो जाती है तो राजकोषीय घाटा 3.8 फीसदी से भी कम रह सकता है।