बेहतर रिटर्न की उम्मीद में घरेलू शेयर बाजारों में निवेशकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डीमैट खातों की संख्या में तेज बढ़ोतरी इसकी तस्दीक कर रही है। एसबीआई की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 10 साल में नए डीमैट खातों की संख्या में 39 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2014 में देश में 10 लाख डीमैट खाते खुले थे, जिनकी संख्या अक्तूबर, 2024 तक बढ़कर रिकॉर्ड 3.91 करोड़ पहुंच गई। उम्मीद है कि इस साल नए डीमैट खातों की संख्या चार करोड़ के पार निकल जाएगी।
10 साल में 10 गुना ज्यादा जुटाई गई रकम
एसआईपी : 4.85 करोड़ खाते खुले
चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 4.85 करोड़ नए एसआईपी खाते खुले हैं, जबकि 2017-18 में इनकी संख्या 1.16 करोड़ रही थी। इस अवधि में एसआईपी के जरिये निवेश की जाने वाली रकम बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जो 2017-18 में 67,000 करोड़ रुपये थी।
कुल वित्तीय बचत में संपत्तियों की हिस्सेदारी
| वित्त वर्ष | भौतिक (%) | वित्तीय (%) |
|---|---|---|
| 2014 | 63.6 | 36.4 |
| 2015 | 63.9 | 36.1 |
| 2016 | 55.1 | 44.9 |
| 2017 | 58.9 | 41.1 |
| 2018 | 60.4 | 39.6 |
| 2019 | 61.2 | 38.8 |
| 2020 | 59.7 | 40.3 |
| 2021 | 48.3 | 31.7 |
| 2022 | 63.9 | 36.1 |
| 2023 | 71.5 | 28.5 |