एटीएम पर ग्राहकों द्वारा किए जाने वाले अतिरिक्त ट्रांजेक्शन से वसूली में भी एसबीआई सबसे शीर्ष पर रहा। बैंक ने इस तरह से करीब 1554 करोड़ रुपये कमाए। दूसरे नंबर पर बैंक ऑफ इंडिया रहा जिसने 464 करोड़ रुपये वसूले। लिस्ट में पीएनबी (323 करोड़ रुपये), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (241 करोड़ रुपये) और बैंक ऑफ बड़ौदा (183 करोड़ रुपये) के साथ क्रमशः तीसरे, चौथे व पांचवे स्थान पर रहा।
हालांकि एसबीआई ने 1 अप्रैल, 2017 से चार्ज वसूलना फिर शुरू कर दिया है। वहीं न्यूनतम राशि बनाए रखने की जरूरत को 1 अक्तूबर 2017 से कम कर दिया गया है। जन-धन खातों और बेसिक बचत खातों में न्यूनतम राशि बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।
साढ़े तीन सालों में सरकारी बैंकों ने 10,000 करोड़ रूपये से ऊपर की राशि वसूली है इसके अलावा निजी बैंकों ने भी काफी बड़ी राशि ग्राहकों से वसूल की है।
निजी बैंकों शामिल नहीं
संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में निजी बैंकों के डाटा को शामिल नहीं किया गया था। रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देश के अनुसार 6 मेट्रो शहर- मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में एक महीने में अन्य बैंकों के एटीएम से 3 ट्रांजेक्शन और अपने बैंक के एटीएम से कम से कम 5 ट्रांजैक्शन फ्री रखे हैं।