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कोरोना काल में कम हुई बचत, खर्चे में भी कटौती, इमरजेंसी फंड बनाने पर फोकस

Fri, 18 Sep 2020 01:26 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बचत और खर्च - फोटो : pixabay
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कोरोना वायरस महामारी की वजह से सभी क्षेत्रों में नुकसान हुआ है। नौकरीपेशा लोगों पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। एक ओर जहां करोड़ों लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा, वहीं दूसरी ओर जो लोग नौकरी कर रहे हैं, उनके वेतन में कटौती की जा रही है। महामारी के समय में नौकरीपेशा लोगों की बचत 32 फीसदी रह गई है। जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 38 फीसदी था। 

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इमरजेंसी फंड बनाने पर फोकस
70 फीसदी से अधिक लोगों के लिए आपातकालीन फंड, मेडिकल, या अन्य जरूरी चीजों के लिए बचत सबसे अहम हो चुकी ही। बैंक बाजार डॉट कॉम ने 12 शहरों में करीब 1828 लौकरीपेशा पुरुषों व महिलाओं (22 से 45 आयु वर्ग) से बचत और खर्च की जानकारी ली। सर्वे से पता चला कि संकट के समय में बचत कम हुई है और इमरजेंसी फंड बनाने पर फोकस रहा है। 

खर्चे में भी भारी कटौती
सर्वे के अनुसार, मंदी, महामारी और लॉकडाउन की वजह से बचत में कटौती हुई। कोरोना काल में कई क्षेत्रों की कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में भी कटौती की। वहीं कई कर्मचारियों को बिना भुगतान के छुट्टी पर भेज दिया गया। इसके साथ ही लोगों ने अपने खर्चे में भी भारी कटौती की है।
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ऐसा रहा बचत ट्रेंड
इस दौरान बचत के मामले में अर्ली-जॉबर्स यानी नई नौकरी शुरू करने वाले सबसे आगे रहे। इन्होंने 34 फीसदी तक बचत की। हालांकि पिछले साल के मुकाबले यह कम है। 2019 में यह आंकड़ा 40 फीसदी था। मनी मूनर्स ने 30.5 फीसदी बचत की, जो पिछले साल 38 फीसदी था और वेल्थ वॉरियर्स ने 30 फीसदी तक बचत की। 

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