अमर उजाला संवाद के मंच पर शुक्रवार को स्माइल ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर मनीष विज भी पहुंचे। वे एक उद्यमी नहीं एक पूरा इकोसिस्टम हैं। वे डिजिटल स्पेस में नए समय के स्टार्टअप क्रिएट करते रहे हैं। जूपी, सिटी मॉल जैसी कंपनियों में उनका निवेश है। अमर उजाला के मंच पर स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर बात की। उन्होंने कहा कि हमारी चर्चा के बाद यहां से एक सफल उद्यम निकले यह मेरी इच्छा है। उन्होंने कहा कि असफलता के समय सबसे महत्वपूर्ण चीज है कि आप अपने आपको कैसे मोटिवेट करते हैं। इसमें सबसे अधिक जरूरी है कि आप ऐसे लोगों के बीच रहें जो आपको रे ऑफ होप देता रहे। सबसे जरूरी है आपका माइंडसेट। इस दुनिया में जीवन का सफर सिर्फ माइंडसेट से जीता जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह सही बात है कि भारत में कई चुनौतियां है। लेकिन कमल तो कीचड़ में ही खिलता है। हमेशा एक्सप्रेस वे का रास्ता सिर्फ सर्विस रोड से निकलता है। पिछले 9 वर्षों में कम से कम 130 अरब डॉलर का निवेश हुआ है। आज उन स्टार्टअप्स की मार्केट वैल्यू 400 अरब डॉलर है। जल्द ही यह एक ट्रिलियन डॉलर होगा। जरूरी नहीं है कि सब आईआईटी या आईआईएम से निकले हैं। ये उद्यमी छोटी शुरुआत कर इस स्तर पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बीच ही अवसर है। उन्होंने कहा कि पैसे हैं, सपने देखने वाला आदमी चाहिए। शुरुआत हर चीज की छोटे से कमरे से होती है।
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देश के वाणिज्य मंत्री के बयान के बाद शुरू हुए विवाद पर विज ने कहा कि मोदी जी और गोयल जी हमारे मेंटर हैं। उनकी स्पीच में उन्होंने जो कहा उन्हें एनकरेजमेंट मानना चाहिए। उनकी स्पीच के अंदर कहीं न कहीं एक उत्साहवर्धन छिपी हुई है। शायद वे कह रहे हैं कि हमें और तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। हमारे स्टार्टअप भी एक इवेलुएशन के दौर से गुजर रहे हैं। हम चीन की गति से नहीं बढ़ रहे हैं, लेकिन हम चीन से प्रेरणा ले सकते हैं। काम यहां पर भी बहुत हो रहा है। पीयूष जी की बात उत्साह बढ़ाने वाली है। हमें हर चीज पर काम करना होगा। काम हो भी रहा है। हमारी सरकार को रिसर्च पर फोकस करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि जब कोई नया बिजनेस शुरू करता है तो शुरुआत में आइडिया कुछ और होता है और आगे चलकर वह पहुंचता कहीं और है। यहां इमानदारी के अलावा एक और फीचर है वह है उसमें सुनने की क्षमता होनी चाहिए। उन्हें एब्जॉर्ब करनी चाहिए। उद्यमियों को अपने अनुभवों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। असफलता के बाद उद्यमी को उससे निकलने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसे ही लोग सफल होते हैं जो सुनते हैं, एब्जॉर्ब करते हैं और प्रयोग करते हैं। उद्यमियों में छोटे बाजार से बड़ा बाजार ढूंढने का जज्बा होना चाहिए। उद्यमियों को व्यापार में अपना दृष्टिकोण बदलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे करियर में कुछ फैसले सही भी रहे और कुछ सही नहीं भी रहे।
शेयर बाजार में जारी गेनसोल (ब्लूस्मार्ट) प्रकरण पर विज ने कहा कि हर क्लास में शरारती बच्चा होता है। हर ग्रुप में एक ऐसी एंटटी होती है, जहां पर आपको बैड एक्टर्स मिल जाते हैं। यह मामला कुछ ऐसा ही है। एआई पर बोलते हुए विज ने कहा कि यह डर सही है कि एआई आपकी जॉब ले लेगा। अगर आप अपने आपको एआई के लिए प्रशिक्षित नहीं करेंगे तो आपके बिजनेस में भी दिक्कत आएगी। आपकी जॉब में भी दिक्कत आ जाएगी। आप सबको यह जानना है कि आप एआई का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। आप एआई से बड़ी से बड़ी कंपनी बना सकते हैं। आप दो से तीन महीने के समय में एआई सीख सकते हैं। भारत की बात करें तो हमें इस तकनीक पर बहुत काम करना पड़ेगा। नहीं तो हमें पेट्रोल की तरह एलएलएम के लिए भी भुगतान करना पड़ेगा। बायजू प्रकरण पर विज ने कहा कि नजर हटी दुर्घटना घटी। कैश फ्लो से नजर हटी दुर्घटना घटी। कॉरपोरेट गवर्नेंस से नजर हटी दुर्घटना घटी।