एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अर्थशास्त्री विश्रुत राणा ने कहा, मजबूत शहरी खपत, सेवा क्षेत्र में स्थिर वृद्धि और बुनियादी ढांचे में जारी निवेश से 2025 में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जीडीपी की रफ्तार चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में धीमी रहने के बीच एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स को उम्मीद है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 में भी मजबूत वृद्धि के लिए तैयार है। साथ ही, अगर महंगाई का दबाव कम हुआ तो आरबीआई नए साल में रेपो दर में मामूली कटौती कर सकता है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के अर्थशास्त्री विश्रुत राणा ने कहा, मजबूत शहरी खपत, सेवा क्षेत्र में स्थिर वृद्धि और बुनियादी ढांचे में जारी निवेश से 2025 में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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इन वजहों से भी मिलेगा समर्थन
वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने 2025 के भारत के अपने ताजा परिदृश्य में कहा, श्रमबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए पर्याप्त नौकरियां पैदा करना, बुनियादी ढांचे व प्रौद्योगिकी में और सुधार, मजबूत सार्वजनिक एवं घरेलू बैलेंस शीट से भारत की आर्थिक वृद्धि को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है।
2025-26 में 6.9 फीसदी रहेगी आर्थिक विकास दर
एसएंडपी ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी की वृद्धि दर को 6.8 फीसदी पर कायम रखा है। 2025-26 में इसके 6.9 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान जताया है।