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रूस का हाल-बेहाल: एपल-नाइकी के बाद आईकिया ने बंद किया संचालन, फिच-मूडीज ने घटाई रेटिंग

Thu, 03 Mar 2022 06:07 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Russia-Ukraine War Latest Update: यूक्रेन पर हमला करने के फैसले के बाद से रूस के ऊपर एक के बाद एक आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। टेक से लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियों तक ने देश में अपने संचालन को रोक दिया है। इसके अलावा एसबीआई-एचएसबीसी समेत कई बैंकों ने भी सेवाएं रोकने का एलान किया है। 
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रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। - फोटो : Twitter @KremlinRussia_E
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन बीच युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को जंग के आठवें दिन रूस ने यूक्रेनी शहरों पर हमले तेज कर दिए गए। एक ओर जहां रूस हर हाल में जंग जीतने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार है, तो वहीं दूसरी ओर इस हमले के बाद से रूस पर दुनियाभर के देशों ने जिस तरह से आर्थिक स्ट्राइक की है, उससे उसका बुरा हाल है। एपल-नाइकी से लेकर वॉल्वो-मर्सिडीज जैसी बड़ी कंपनियों ने देश में अपना संचालन रोक उसे करारा झटका दिया है। अब इस कड़ी में आईकिया का नाम भी शामिल हो चुका है। 

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आईकिया के 15000 कर्मी प्रभावित  
गौरतलब है कि आईकिया की ओर से गुरुवार को रूस में अपना संचालन बंद करने का एलान किया किया गया। कंपनी की इस घोषणा के बाद करीब 15000 कर्मचारियों पर असर होगा यानी उनकी नौकरी चली जाएगी। बता दें कि आईकिया द्वारा ये बड़ा कदम एपल और नाइकी के बाद उठाया गया है। इससे पहले अमेरिकी टेक दिग्गज और दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी एपल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए रूस में अपने सभी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी थी। एपल ने जोर देकर कहा कि कंपनी उन सभी लोगों के साथ है जो हिंसा से पीड़ित हैं। फुटवियर निर्माता नाइकी ने भी अपने उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई है। 

गूगल- माइक्रोसॉफ्ट ने लगाया प्रतिबंध 
रूस पर जहां एक ओर पश्चिमी देश लगातार आर्थिक प्रतिबंध लगा रहे हैं तो दूसरी ओर टेक से लेकर ऑटोमोबाइल कंपनियों तक ने उसे जोरदार झटका दिया है। एपल, नाइकी और आईकिया ही नहीं बल्कि कई बड़ी टेक कंपनियों ने युद्ध के विरोध में बड़ी घोषणाएं की हैं। अल्फाबेट की गूगल ने रूसी ब्रॉडकास्टर आरटी और स्पुतनिक से जुड़े मोबाइल एप ब्लॉक किए, तो माइक्रोसॉफ्ट ने रूस की सरकारी मीडिया कंपनी आरटी के एप को विंडोज एप स्टोर से हटा दिया है। नोकिया ने भी यूक्रेन पर हमले के खिलाफ रूस में अपनी सप्लाई पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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ऑटोमोबाइल सेक्टर ने किया किनारा 
सिर्फ टेक कंपनियों ने ही नहीं बल्कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन पर हमले के निर्णय के खिलाफ ऑटोमोबाइल सेक्टर ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसके चलते रूस में वॉल्वो कार ने रूसी बाजार में अपनी कारें भेजना रोक दिया है। जगुआर लैंड रोवर ने भी यही कदम उठाया है। मर्सिडीज ने भी एक कदम आगे आते हुए रूसी ट्रक निर्माता के साथ अपनी साझेदारी खत्म करने की बात कही। इसके अलावा फोर्ड मोटर्स ने रूस में अपना सारा कामकाज अगली सूचना तक बंद करने का एलान किया है। इन कंपनियों के अलावा ऑटो क्षेत्र की दिग्गज बीएमडब्ल्यू, एस्टन मार्टिन, जनरल मोटर्स समेत कई कंपनियों ने ऐसे ही कदम उठाए हैं। 

बैंकिंग सेवाओं का बुरा हाल
बुधवार को यूरोपियन यूनियन ने रूस के सात बैंकों को स्विफ्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। तो यूक्रेन से जंग में भारत ने भी रूस में कारोबार रोक दिया है। रूस में भारत के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और मिड-साइज पब्लिक सेक्टर बैंक केनरा बैंक का एक मात्र ज्वाइंट वेंचर है। इसका नाम 'कॉमर्शियल इंडो बैंक एलएलसी' है। इसमें एसबीआई की 60 फीसदी, जबकि केनरा बैंक की 40 फीसदी हिस्सेदारी है। एसबीआई ने साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में आई रूसी इकाइयों के साथ वह किसी तरह का ट्रांजैक्शन नहीं करेगा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बैंक एचएसबीसी ने भी कहा है कि वह रूसी बैंकों के साथ अपना कारोबारी रिश्ता खत्म कर रही है।

रूस की सॉवरेन रेटिंग घटाई
बड़ी रेटिंग एजेंसियों फिच और मूडीज ने आर्थिक प्रतिबंधों की मार झेल रहे रूस के लिए की सॉवरेन रेटिंग को घटा दिया है। इसके साथ ही मूडीज ने भी रूस की रेटिंग को यह कहते हुए कम कर दिया है कि युद्ध से उपजे हालात रूसी अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। रेटिंग एजेंसियों ने कहा कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से रूस की कर्ज को लेकर स्थिति से निपटने की क्षमता को लेकर संदेह पैदा हो गया है। बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है और रूसी करेंसी धराशायी हो चुकी है। 

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