रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का बुधवार को 14वां दिन है। इस संघर्ष के चलते दुनियाभर के निवेशकों की धारणाएं प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते वैश्विक स्तर पर बाजारों में भारी गिरावट आई, हालांकि बीते दो दिनों से भारतीय शेयर बाजार में तेजी आई है। फरवरी में जब बाजारों का बुरा हाल रहा तो म्यूचुअल फंड निवेशकों ने इसका जमकर फायदा उठाया और 19,705 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
एम्फी के आंकड़ों में आया सामने
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल 19,705 करोड़ रुपये का निवेश आया। जो कि इससे पिछले जनवरी महीने में 14,887 करोड़ रुपये रहा था। फ्लैक्सी कैप और सेक्टरल फंड में सबसे ज्यादा तीन-तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। आंकड़ों के मुताबिक, डाटा सेगमेंट से निवेशकों ने पैसे निकाले हैं। इसमें से कुल 8,274 करोड़ रुपए निकाले गए हैं। इसके अलावा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड फंड दोनों में से 10 हजार करोड़ की निकासी हुई।
एफपीआई ने जमकर निकाले पैसे
फरवरी महीने में निवेशकों द्वारा लगातार निवेश किया गया। इनमें घरेलू संस्थागत निवेशकों, जिनमें ज्यादातर म्यूचुअल फंड मैनेजर शामिल हैं, ने जनवरी में 21,928.40 करोड़ रुपये की खरीदारी के मुकाबले फरवरी के दौरान 42,084.07 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। खास बात यह है कि यह निवेश उस समय बढ़ा जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफआईआई) भारतीय बाजारों से बड़ी मात्रा में पैसे की निकासी कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के दौरान सेंसेक्स में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि बीएसई मिडकैप 5 फीसदी से ज्यादा टूटा। इस दौरान स्मालकैप इंडेक्स 8.7 फीसदी गिरा था।
एयूएम बढ़कर 35.56 लाख करोड़
इस बीच म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 31,533 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 37.56 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। गौरतलब है कि फरवरी में शेयर बाजार में जो गिरावट का दौर था रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने उसे और भी बढ़ा दिया। हालांकि, बीते दो दिनों में शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। बुधवार को शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 1223 अंक उछलकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 332 अंकों की उछाल के साथ बंद हुआ। इस तेजी के चलते निवेशकों को करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ।