गुरुवार से गैस का भुगतान रूसी मुद्रा रूबल में।
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में कहा था कि जंग के बीच जो भी देश रूस का विरोध कर रहे हैं, उन्हें रूस से तेल और गैस खरीदने पर रूबल में ही भुगतान करना होगा। इसके लिए जो समय सीमा निर्धारित की गई थी वो गुरुवार से शुरू हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के इस कदम से यूरोप में गैस आपूर्ति का संकट गहरा सकता है।
रूबल की कीमत बढ़ाने की कोशिश
गौरतलब है कि रूस ने कहा कि वह विदेशी कंपनियों के लिए रूबल में अपनी गैस का भुगतान करने के लिए गुरुवार तक व्यावहारिक व्यवस्था करेगा, जिससे आपूर्ति में व्यवधान की संभावना बढ़ जाएगी, क्योंकि पश्चिमी देशों के स्विफ्ट वैश्विक भुगतान प्रणाली से रूसी बैंकों को बाहर करने के बाद से रूसी मुद्रा में जोरदार गिरावट की गई है और इसे इन रूबल को स्विच करने की मांग को अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक पुतिन ने यह कदम रूबल की कीमत को बढ़ाने के लिए उठाया है। बता दें कि बीती 24 फरवरी को पुतिन के यूक्रेन पर हमले के निर्णय के बाद रूबल टूटकर अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर आ चुका है। पूर्व में आई रिपोर्टों के अनुसार, रूबल डॉलर के मुकाबले अब तक 30 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है।
रूसी प्रवक्ता ने कही बड़ी बात
दूसरी ओर जैसे-जैसे यूक्रेन पर रूस के हमलों में इजाफा हुआ है और जैसे-जैसे पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध बढ़ाए, उससे गैस आपूर्ति का संकट और भी गहरा गया है। कच्चे तेल में जहां जोरदार उछाल देखने को मिला है तो वहीं यूरोप में गैस के दाम भी आसमान पर पहुंच गए हैं। मंगलवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सख्त लहजे में कहा कि कोई भी मुफ्त में गैस की आपूर्ति नहीं करेगा, यह असंभव है और आपको रूस से गैस खरीदनी है तो इसके लिए केवल रूबल में ही भुगतान कर सकते हैं। बता दें कि रूस के इस कदम की आलोचना भी हो रही है क्योंकि ज्यादातर रूसी गैस का भुगतान यूरो में किया जाता है और बाकी का भुगतान डॉलर में होता है।
आपूर्ति में व्यवधान की आशंका बढ़ी
पेसकोव के मुताबिक, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा निर्धारित 31 मार्च की समय सीमा के अनुरूप वे सभी तौर-तरीके विकसित किए जा रहे हैं, ताकि रूबल में गैस की कीमत के भुगतान की यह प्रणाली यूरोपीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सरल और व्यवहार्य हो। इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस की इस घोषणा ने यूरोप की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में गैस आपूर्ति में बड़े व्यवधान की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। इस बीच जर्मनी ने रूस के इस कदम पर कड़ी चिंता जाहिर की है। वहीं पेसकोव ने कहा कि रूस प्रतिबंधों के खिलाफ खुद का बचाव करने का हकदार है। हम गैस के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता रहे हैं और रहेंगे। लेकिन, विदेशी कंपनियों को गैस खरीदने के लिए रूबल में भुगतान की जरूरत होगी।
जर्मनी ने जारी की चेतावनी
रूसी गैस का भुगतान रूबल में स्वीाकार करने के एलान के बाद इसका असर भी दिखाई देने लगा है। जर्मनी की सरकार ने बुधवार को कहा कि वह रूबल में भुगतान नहीं किए जाने पर रूस द्वारा आपूर्ति में कटौती कर सकने की चिंताओं के बीच गैस आपूर्ति के संबंध में शुरुआती चेतावनी जारी कर रहा है। गौरतलब है कि पश्चिमी देशों ने रूबल में भुगतान की रूसी मांग को यह कहकर खारिज कर दिया है कि यह यूक्रेन में आक्रमण के बाद रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों को कमजोर करेगा।