केंद्र सरकार ने बुधवार को विदेश व्यापार नीति के तहत निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के लिए भारतीय मुद्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते की अनुमति दे दी है। सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार निपटाने की अनुमति देने के लिए विदेश व्यापार नीति और प्रक्रियाओं की पुस्तिका में उपयुक्त संशोधन किए हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘भारतीय रुपये के अंतर्राष्ट्रीयकरण करने की रुचि में वृद्धि को देखते हुए रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के निपटाने को मंजूरी देने का फैसला लिया गया है। ऐसा अंतरराष्ट्रीय व्यापार में लेनदेन को सुविधाजनक बनाने और आसान बनाने के लिए किया गया है।’
मंत्रालय ने कहा कि नए बदलावों को निर्यात के लिए आयात, स्टेटस होल्डर्स के रूप में मान्यता के लिए निर्यात प्रदर्शन, अग्रिम प्राधिकरण व शुल्क मुक्त आयात प्राधिकरण योजनाओं के तहत निर्यात आय की वसूली और निर्यात प्रोत्साहन पूंजीगत सामान योजना के तहत निर्यात आय की वसूली के लिए अधिसूचित किया गया है।
इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, डॉलर की कमजोरी और निरंतर विदेशी फंड प्रवाह के बीच आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 45 पैसे की तेजी के साथ 81.47 (अनंतिम) पर बंद हुआ। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में स्थानीय इकाई डॉलर के मुकाबले 81.43 रुपये के स्तर पर खुली और सत्र के दौरान 81.23 रुपये के इंट्रा-डे हाई और 81.62 रुपये के निम्नतम स्तर के बीच कारोबार करती दिखी।
सॉवरेन हरित बॉन्ड के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया
वित्त मंत्रालय ने वैश्विक मानकों के अनुरूप सॉवरेन हरित बॉन्ड जारी करने की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है। सरकार चालू वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) के दौरान हरित बॉन्ड जारी करके 16,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। यह दूसरी छमाही के लिए ऋण कार्यक्रम का एक हिस्सा है। सूत्रों ने कहा कि रूपरेखा तैयार है और इसे जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। बजट में ऐसे बॉन्ड जारी करने की घोषणा की गई थी।