डाॅलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से जुड़े एक सवाल का राज्यसभा में जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा है कि इस साल रूस-यूक्रेन युद्ध, क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी और दुनिया में लगातार बिगड़ते आर्थिक हालातों के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ।
केंन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री ने अपने जवाब में कहा है कि भारतीय रुपये की विनिमय दर बाजार के आधार पर तय होती है। कई वैश्विक कारण से हाल के वर्षों में डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गई है। जिनमें साल 2018 में अमेरिका और चीन के बीच का ट्रेड वार, 2018 में ही यूएस फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को बढ़ाना और साल 2020 में कोविड महामारी आदि शामिल हैं।
आपको बता दें कि मंगलवार (26 जुलाई) को भी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया पांच पैसे कमजोर होकर 79.77 के लेवल पर बंद हुआ। बता दें कि मंगलवार को रुपया 79.79 स्तर पर खुला था। शुरुआती कारोबार में यह 79.79 स्तर तक फिसलता दिखा।
बाजार के जानकारों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में आई बढ़ोतरी और यूएस फेड के रुख में कड़ाई की आशंका के चलते डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट देखने को मिल रही है।