NPCI Real Time Payment Dispute Resolution
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भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने सोमवार को बताया है कि रुपे ने अब अपने डेबिट, क्रेडिट के लिए सीवीवी (कार्ड सत्यापन मूल्य) के बिना भुगतान का विकल्प शुरू किया है। निगम ने बताया कि यह सुविधा उन प्रीपेड कार्डधारकों को दी जाएगी, जिन्होंने विक्रेता के ऐप या वेबपेज पर अपने कार्ड को टोकन कर रखा है।
कार्डधारक को अपने कार्ड का विवरण याद रखने की नहीं होगी जरूरत
एनपीसीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस नए सीवीवी-रहित प्रणाली में यह सुनिश्चित किया गया है कि कार्डधारक को अपने वॉलेट तक पहुंचने या किसी कार्ड का विवरण याद रखने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा तभी होगा, जबकि उन्होंने ई-कॉमर्स विक्रेता के मंच पर अपने कार्ड को टोकन किया हो।
आरबीआई की टोकन व्यवस्था लेन-देन के लिहाज से मानी जाती है सुरक्षित
टोकन व्यवस्था के तहत कार्ड के वास्तविक ब्योरे की जगह कूट संख्या यानी टोकन नंबर का उपयोग किया जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक की यह व्यवस्था लेन-देन के लिहाज से सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें लेन-देन के समय कार्ड का वास्तविक ब्योरा व्यापारियों के साथ साझा नहीं किया जाता।
बीमा उद्योग का प्रीमियम होगा 3 लाख करोड़ रुपये
रेटिंग एजेंसी इक्रा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025 तक देश की बीमा कंपनियों का कुल प्रीमियम बढ़कर तीन लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है। यह मार्च, 2023 तक 2.40 लाख करोड़ रुपये था। सोमवार को जारी रिपोर्ट में एजेंसी ने कहा कि निजी बीमा कंपनियों का संयुक्त अनुपात में सुधार हो सकता है। एजेंसी के अनुसार, निजी बीमा कंपनियों का इक्विटी पर रिटर्न 2024-25 तक 11.2 से 12.8 फीसदी हो सकता है। 2025 तक यह 13.9 फीसदी तक होने का अनुमान है। इक्रा ने कहा कि तीन सरकारी कंपनियों को कम से कम 175 अरब तक की पूंजी की जरूरत होगी। इन कंपनियों का सॉल्वेंसी अनुपात नियामक की जरूरत के 1.50% से कम है।