केंद्रीय सतर्कता आयोग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, उपक्रमों और केंद्र सरकार के विभागों को नियमित रूप से संवेदनशील पदों की पहचान करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर उन्हें संभालने वाले अधिकारियों के रोटेशन को सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
सीवीसी की ओर से यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब उसने देखा कि कई संगठन संवेदनशील पदों की पहचान के बारे में उसके दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
एक आदेश में आयोग ने कहा कि मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) - जो भ्रष्टाचार की जांच के लिए पैनल की दूर की शाखा के रूप में कार्य करते हैं- को संबंधित संगठनों के मुख्य कार्यकारी/ प्रबंधन के परामर्श से संवेदनशील पदों की पहचान करने के लिए तुरंत पहल करनी चाहिए।
सीवीसी के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अजय दुबे ने कहा कि सभी सरकारी विभागों को भ्रष्टाचार की जांच में सीवीसी के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।