सरकार ने चीन से आयातित एक प्रकार के रसायन पर डंपिंग रोधी शुल्क नहीं लगाने का फैसला लिया है। इस रसायन का इस्तेमाल दवा उद्योग में होता है, माना जा रहा है कि सरकार ने इसी कारण ये फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) की सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया है।
बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई डीजीटीआर ने चीन से आ रहे रसायन (4आर-सीआईएस-1-1- डाइमिथाइलथाइल-6-साइनोमिथाइल-2, 2-डाइमिथाइल-1, 3-डाइऑक्सेन-4- एसिटेट) की कथित डंपिंग की जांच की थी और अगस्त में इस पर शुल्क लगाने की सिफारिश की गई थी।
राजस्व विभाग की ओर से जारी एक कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने डीजीटीआर के अंतिम निष्कर्षों पर विचार करने के बाद सिफारिशों को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। बता दें कि शुल्क लगाने की सिफारिश डीजीटीआर करता है जबकि इसे लगाने के बारे में अंतिम निर्णय राजस्व विभाग लेता है।
केंद्र ने पेंशन संबंधी 3150 शिकायतों का समाधान किया
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने चल रहे विशेष अभियान के दौरान पेंशन संबंधी 3,150 लंबित शिकायतों का समाधान किया। डीओपीपीडब्ल्यू केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों के पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित नीतियों के निर्माण के लिए नोडल विभाग है। कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक, दो अक्तूबर से शुरू हो कर 31 अक्तूबर को समाप्त होने वाले अभियान के दौरान विभाग ने केंद्र सरकार के 68 लाख पेंशनभोगियों के लिए त्वरित निवारण सुनिश्चित करने के लिए 4200 लंबित पेंशन शिकायतों को हल करने का लक्ष्य रखा है।
जीएम सरसों को पर्यावरणीय परीक्षण के लिए जारी करने की सिफारिश
इस बीच केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के तहत आने वाली जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (जीईएसी) ने आनुवंशिक रूप से संवर्धित (जीएम) सरसों के पर्यावरणीय परीक्षण के लिए इसे जारी करने की सिफारिश की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से इस तिलहन की व्यावसायिक खेती का रास्ता खुलेगा। यह कदम ‘हरित समूहों’ और देश में मधुमक्खीपालन के अग्रणी सगठन के विरोधों के बीच उठाया गया है।
जनवरी-सितंबर के दौरान भारत-चीन का व्यापार बढ़ा
भारत और चीन के द्विपक्षीय व्यापार में लगातार उछाल जारी है। 2022 के पहले नौ महीनों में यह 100 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया है। भारत का व्यापार घाटा 75 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है। पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 103.63 बिलियन अमरीकी डॉलर तक चला गया, जो इसी अवधि के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में 14.6 प्रतिशत ज्यादा है। चीन के सीमा शुल्क के सामान्य प्रशासन (जीएसी) द्वारा जारी आंकड़ों में कहा गया है कि भारत को चीन का निर्यात 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 89.66 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, पिछले नौ महीनों में भारत का निर्यात 36.4 फीसदी की गिरावट के साथ 13.97 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। परिणामस्वरूप, कुल व्यापार घाटा 75.69 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक हो गया।