देश के केवल शीर्ष 12 प्रतिशत परिवार ही कार खरीद सकते हैं और इस स्थिति का मूल कारण भारत की बड़ी आबादी की आय में आई व्यापक स्थिरता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को यह बात कही। रमेश ने मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव की टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भारत में कार खरीदना केवल 12 प्रतिशत परिवारों तक ही सीमित है।
कांग्रेस नेता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पूरा देश अब भी गहरी पीड़ा और सदमे की स्थिति में है। पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले ने हमारे जीवन पर गहरा असर डाला है।"
उन्होंने कहा, "फिर भी, हम मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन द्वारा आज कही गई बातों पर ध्यान दिए बिना नहीं रह सकते, जिसका अर्थव्यवस्था पर बहुत प्रभाव पड़ता है।" उन्होंने भार्गव के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भारत में कार खरीदना मुख्य रूप से शीर्ष 12 प्रतिशत परिवारों तक ही सीमित है। जिनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक है।
रमेश ने बताया कि भार्गव के अनुसार, शेष 88 प्रतिशत परिवारों के लिए छोटी कारों के बारे में सोचना भी संभव नहीं है। मारुति के परिणामों के अनुसार कंपनी की बिक्री में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट आई है। 2023-2024 और 2024-25 के बीच कुल यात्री वाहनों की बिक्री में केवल 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भार्गव ने कहा कि आगामी वर्ष में भी वृद्धि दर केवल 1-2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रमेश ने अपने पोस्ट में दावा किया, "इस स्थिरता का मूल कारण भारत के अधिकांश की वास्तविक आय में आया व्यापक ठहराव है।"