फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RIS: ग्लोबल साउथ के लिए त्रिकोणीय सहयोग पर वैश्विक सम्मेलन का आयोजन करेगा आरआईएस, व्यापार-वित्त पर होगी बात

Mon, 02 Jun 2025 01:36 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सम्मेलन में रिपब्लिक ऑफ पेराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पालाकोइस का संबोधन भी होगा, जो वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग और समावेशी विकास के मुद्दे पर अपने विचार रखेंगे। 
विज्ञापन
आरआईएस - फोटो : आरआईएस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय विदेश मंत्रालय के तहत आने वाला नीति अनुसंधान संस्थान 'द रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज' (RIS) वैश्विक दक्षिण और त्रिकोणीय सहयोग (Global South and Triangular Cooperation) पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन 3-4 जून 2025 को नई दिल्ली स्थित ताज पैलेस होटल में किया जाएगा। 
विज्ञापन


पेराग्वे के राष्ट्रपति का संबोधन होगा
इस सम्मेलन में वैश्विक दक्षिण से वैश्विक उत्तर के राजनयिक, विभिन्न सरकारों के अधिकारी, संस्थानों के प्रमुख, बुद्धिजीवी, थिंक टैंक और नागरिक समाज से जुड़े गणमान्य लोग शामिल होंगे। सम्मेलन में उभरती हुई प्राथमिकताओं, दक्षिण-दक्षिण की साझेदारी और सहयोग और उत्तरी  देशों के साथ त्रिकोणीय सहयोग पर चर्चा की जाएगी। इससे क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी और साथ ही व्यापार, तकनीक और वित्त पर निर्भरता भी नहीं रहेगी। सम्मेलन में रिपब्लिक ऑफ पेराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना पालाकोइस का संबोधन भी होगा, जो वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग और समावेशी विकास के मुद्दे पर अपने विचार रखेंगे। 

स्वास्थ्य, जैव विविधता संरक्षण के समावेशी विकास लक्ष्यों की होगी चर्चा
सम्मेलन समावेशी विकास, समावेशी कृषि, डिजिटल सॉल्यूशन, जलवायु वित्त और भारत के उत्तर पूर्व क्षेत्र की क्षेत्रीय आवाजों को उच्च स्तरीय मंच के रूप में विकसित किया गया है। सम्मेलन में स्वास्थ्य, जैव विविधता संरक्षण, आपदा प्रबंधन और मध्यम और लघु उद्योगों के समावेशी विकास लक्ष्यों को लागू करने पर चर्चा होगी।  इस आयोजन में आरआईएस अपने विश्वविद्यालय कनेक्ट हब कार्यक्रम के तहत नई संस्थागत साझेदारियों को औपचारिक रूप देगा, जिससे भारत के जी20 परिणामों और भारत के बाहरी क्षेत्र के संपर्क से भारत के विश्वविद्यालयों के साथ अनुसंधान सहयोग को मजबूती मिलेगी। साथ ही आरआईएस में दक्षिण और आईसीआरआईएसएटी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें