Why RBI Hike Repo Rate During High Inflation
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खाद्य कीमतों में वृद्धि के कारण सितंबर के महीने में भारत की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.4 प्रतिशत हो गई है। यह बढ़ोतरी सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई जिसमें 18% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। बता दें कि आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर का अनुमान 6.7 फीसदी पर रखा है। देश के खाद्य मूल्य सूचकांक में 8.6% की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, अनाज की महंगाई सितंबर में महीने में बढ़कर 11.53 फीसदी हो गई है। अगस्त में यह महंगाई दर सात फीसदी और सितंबर 2021 में 4.35 फीसदी थी।
लगातार नौवें महीने में महंगाई की दर छह प्रतिशत से ऊपर है। आरबीआई इसे सरकार की ओर से निर्धारित 2% से 6% के दायरे में रखने में विफल रहा है, अब उसे सरकार को इस पर सफाई देनी होगी और उसके उपचारात्मक उपाय के बारे में बताना होगा। 12 अक्टूबर को सांख्यिकी व कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) ने सीपीआई इंफ्लेशन पर अपने आंकड़े जारी किए हैं।
अगस्त महीने में देश का आद्योगिक उत्पादन घटा
भारत का औद्योगिक उत्पादन (IIP) अगस्त महीने में 0.8 फीसदी घट गया है। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में इस बात की पुष्टि की गई है। अगस्त 2021 में आईआईपी में 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2022 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 0.7 प्रतिशत घटा है। अगस्त महीने में खनन क्षेत्र के उत्पादन में 3.9 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि बिजली उत्पादन में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
बता दें कि अप्रैल 2020 में कोरोनोवायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के मद्देनजर आर्थिक गतिविधियों में गिरावट के कारण औद्योगिक उत्पादन में 57.3 प्रतिशत की कमी आई थी।