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Retail Inflation : खुदरा महंगाई 10वें माह भी RBI के दायरे से बाहर, अनाज, मांस-मछली, दूध और मसाले की दर बढ़ी

Tue, 15 Nov 2022 06:38 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

देश के खाद्य तेल आयात का बिल अक्तूबर में 34.18 फीसदी बढ़कर 1.57 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, मात्रा के संदर्भ में यह 6.85 फीसदी बढ़कर 140.3 लाख टन पहुंच गया।
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महंगाई - फोटो : pixabay
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विस्तार
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उच्च कीमतों के मोर्चे पर अक्तूबर में थोड़ी राहत मिली है। सब्जी से लेकर दाल और खाद्य तेल की महंगाई घटी है। इसके बावजूद खुदरा कीमतों पर आधारित (सीपीआई) महंगाई की दर लगातार 10वें महीने आरबीआई के संतोषजनक दायरे 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। इस दौरान अनाज, मांस-मछली, दूध और मसाले की महंगाई दर में बढ़ोतरी देखने को मिली है।

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राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के मुताबिक, अप्रैल-अक्तूबर के दौरान खुदरा महंगाई की दर पांच महीने 7 फीसदी या इससे ऊपर बनी रही। सिर्फ जुलाई और अक्तूबर में ही यह 7% से कम रही है। वित्त मंत्रालय ने कहा, कच्चा तेल, लौह अयस्क और इस्पात की कीमतें वैश्विक बाजार में गिरने के साथ घरेलू स्तर पर गेहूं एवं चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करने से भी इन जिंसों की कीमतें काबू में रखने के प्रयास किए गए हैं। इसका असर आगे महसूस होगा।

  • 6.98 फीसदी रह गई ग्रामीण महंगाई कम होकर
  • 6.50 फीसदी  पर आ गई शहरों में इस दौरान सीपीआई 

सब्जी फल व दालें सस्ती 

वस्तुएं सिंतबर अक्तूबर
सब्जी 18.05 7.77
दाल 3.05 2.78
खाद्य तेल 0.37 -2.15
फल 5.68 5.20
सॉफ्ट ड्रिंक 4.12 4.11
तंबाकू 1.98 1.87
कपड़ा-फुटवियर 10.17 10.16
ईंधन-बिजली 10.39 9.93

इन्होंने बिगाड़ा बजट
अनाज 11.53 12.08
दूध 7.13 7.69
मसाले 16.88 18.2
(आंकड़े इस साल के फीसदी में)

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दिल्ली में सबसे कम महंगाई
राज्य महंगाई दर
दिल्ली 2.99 फीसदी
हिमाचल 4.42 फीसदी
पंजाब 4.52 फीसदी
छत्तीसगढ़ 5.19 फीसदी
कर्नाटक 5.59 फीसदी

इन राज्यों में सर्वाधिक तेजी
आंध्रप्रदेश 7.93 फीसदी
हरियाणा 7.79 फीसदी
प. बंगाल 7.71 फीसदी
मध्य प्रदेश 7.49 फीसदी
(यूपी : 6.80%, उत्तराखंड : 6.24%  जम्मू-कश्मीर : 6.40%)

थोक महंगाई : सब्जी से लेकर दूध और फल तक हुआ सस्ता, 8.33% रह गई खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर

विनिर्मित उत्पादों के साथ अनाज, सब्जी, दूध और फल जैसे खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें घटने की वजह से थोक कीमतों पर आधारित महंगाई में गिरावट आई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, अक्तूबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर घटकर 8.33 फीसदी रह गई, जो सितंबर में 11.03 फीसदी रही थी। विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई सितंबर के 6.34% से कम होकर अक्तूबर में 4.42 फीसदी रह गई। 
 

इन वस्तुओं के मोर्चे पर राहत
उत्पाद सितंबर अक्तूबर
सब्जी 39.66 17.61
आलू 49.79 44.97
प्याज -20.96 -30.02
फल 4.51 0.23
दूध 5.55 5.53
क्रूड पेट्रोलियम 32.18 30.69
ईंधन-बिजली 32.61 23.17
तंबाकू 2.44 2.25
बेवरेजेज 1.18 1.02
कपड़ा 8.78 6.38
सीमेंट 12.53 8.30
प्राथमिक 11.73 11.04

दाल, गेहूं व अंडे की महंगाई बढ़ी 
वस्तुएं सितंबर अक्तूबर
अनाज 11.91 12.03
धान 5.79 6.63
गेहूं 16.09 16.25
दाल -0.28 0.45
अंडा-मांस 3.63 3.97
तिलहन -16.55 -5.36
वसा -7.32 -6.99
खनिज 1.37 3.86
गैर-खाद्य उत्पाद 4.71 9.24
(आंकड़े इस साल के फीसदी में)
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खाद्य तेलों के आयात पर खर्च 34% बढ़कर 1.57 लाख करोड़  
देश के खाद्य तेल आयात का बिल अक्तूबर में 34.18 फीसदी बढ़कर 1.57 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, मात्रा के संदर्भ में यह 6.85 फीसदी बढ़कर 140.3 लाख टन पहुंच गया। उद्योग संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने बताया कि 2020-21 (नवंबर से अक्तूबर) में भारत ने 1.17 लाख करोड़ रुपये के 131.3 लाख टन खाद्य तेल का आयात किया था। पहली दो तिमाहियों में आयात धीरे-धीरे बढ़ा, लेकिन, तीसरी तिमाही में इसमें गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, चौथी तिमाही में यह फिर बढ़ गया क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेलों की कीमतें घटने से इंडोनेशिया ने पाम तेल पर पाबंदी हटा ली थी।
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