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Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर में मामूली गिरावट, 6.52% से घटकर फरवरी में 6.44% पर पहुंची

Mon, 13 Mar 2023 06:14 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Retail Inflation: खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति फरवरी में  5.95 प्रतिशत रही जो जनवरी के छह प्रतिशत से कम है। नवंबर और दिसंबर महीने को छोड़कर खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी 2022 से आरबीआई के ऊपरी सहिष्णुता स्तर 6 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है।
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Retail Inflation - फोटो : Istock
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विस्तार
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महंगाई के मोर्चे पर मामूली राहत मिली है। फरवरी में खुदरा महंगाई दर गिरकर 6.44 फीसदी रही है। फरवरी 2022 में यह 6.07 फीसदी रही थी। जनवरी में तीन महीनों के उच्च स्तर 6.52 फीसदी और दिसंबर 2022 में 5.72 फीसदी पर रही थी। हालांकि, महंगाई दर अभी भी आरबीआई के 6 फीसदी के उच्च स्तर के दायरे से ऊपर है। इस तरह लगातार दूसरे महीने खुदरा महंगाई आरबीआई के दायरे से बाहर रही है। इसे देखते हुआ आरबीआई रेपो रेट को बढ़ाकर सात वर्षों के उच्चतम स्तर तक पहुंचा सकता है। खुदरा महंगाई नवंबर 2022 में 5.88 फीसदी थी।

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सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में खाद्य महंगाई 5.94 फीसदी पर रही। जनवरी में यह 5.95% थी। कुल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में खाद्य बास्केट का 39.06 फीसदी हिस्सा होता है। खाने-पीने के सामान में मामूली बढ़ोतरी हुई है। वहीं दाल-चावल और सब्जियों की कीमतों में थोड़ी कमी आई है, जिसके चलते महंगाई दर में मामूली गिरावट देखने को मिली है।

अगले महीने से कर्ज लेना हो सकता है और महंगा
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कुछ तिमाहियों तक महंगाई ज्यादा बढ़ने की संभावना नहीं है। लेकिन इसके कम होने की रफ्तार धीमी रहेगी। पिछले साल डॉलर के मुकाबले रुपये में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट का असर भी महंगाई पर दिख सकता है।
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फरवरी में ये वस्तुएं हुईं सस्ती

  • खाद्य पदार्थ      
  • सब्जियां     
  • ईंधन, बिजली        
  • हाउसिंग      
  • दालें    

बढ़ सकती हैं ब्याज दरें
पिछले दो महीनों से बढ़ी हुई खुदरा महंगाई आरबीआई को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित करेंगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक 6 अप्रैल को होनी है। इसमें लगातार सातवीं बार ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। आरबीआई ने मई 2022 से ब्याज दरों में 2.5 फीसदी का इजाफा किया है। डीबीएस ग्रुप रिसर्च ने कहा कि रिजर्व बैंक अगले महीने अपनी द्विमासिक नीति समीक्षा में दरों में 0.25% की वृद्धि कर सकता है।

रिजर्व बैंक ने 2022-23 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जबकि जनवरी-दिसंबर तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रहेगी। सरकार ने केंद्रीय बैंक को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि खुदरा मुद्रास्फीति दोनों तरफ दो प्रतिशत के मार्जिन के साथ चार प्रतिशत पर बनी रहे। बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए आरबीआई ने पिछले साल मई से ब्याज दरों में 250 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। फरवरी में नीतिगत दर में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी के साथ बेंचमार्क नीतिगत दर (Repo Rate) 6.50 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

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