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Retail Inflation: तीन महीने की गिरावट के बाद खुदरा महंगाई फिर बढ़ी, सात प्रतिशत पर पहुंची

Mon, 12 Sep 2022 08:02 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Retail Inflation: तीन महीने की गिरावट के बाद खुदरा महंगाई फिर सात प्रतिशत पर पहुंच गई है। देश में मानसून (Manson) के अनियमित रहने से महंगाई दर में इजाफा हुआ है। सितंबर से नवंबर महीने के बीच खाद्य पदार्थों (Food Items) की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। इस वर्ष के हर महीने में खुदरा महंगाई दर आरबीआई (Reserve Bank of India) के टॉलरेंस बैंड 2 से छह फीसदी के बीच के लेवल से ऊपर बना हुआ है। 
 
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retail inflation - फोटो : Istock
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विस्तार
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तीन महीने की गिरावट के बाद अगस्त महीने में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) एक बार फिर बढ़कर सात फीसदी पर पहुंच गई है। इससे खाद्य पदार्थ की कीमतों में तीन महीने से जारी गिरावट थम गई है। अब भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) पर एक बार फिर बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए अधिक आक्रामक तरीके से दरों को बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि इस वर्ष के हर महीने में खुदरा महंगाई दर आरबीआई (RBI) के टॉलरेंस बैंड 2 से छह फीसदी के बीच के लेवल से ऊपर बना हुआ है।

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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद बढ़ी महंगाई

food market - फोटो : istock
हालांकि हाल के हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में काफी गिरावट आई है, लेकिन मुद्रास्फीति (Inflation) पर सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ सका है क्योंकि ईंधन का सभी उपभोक्ता वस्तुओं की श्रेणी में बहुत छोटा हिस्सा है। वहीं, खाद्य पदार्थों की महंगाई का हिस्सा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में लगभग आधा है। इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई, क्योंकि इस बार रिकॉर्ड गर्मी पड़ने से गेहूं, चावल और दालों की कीमतें उछलीं हैं। इससे पहले से महंगाई की मार झेल रहे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है।

सितंबर से नवंबर महीने के बीच और बढ़ सकती हैं कीमतें

खाद्य मुद्रास्फीति - फोटो : iStock
आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की महंगाई दर अगस्त में 7.62 प्रतिशत रही, जो जुलाई में 6.69 प्रतिशत और अगस्त 2021 में 3.11 प्रतिशत थी। बता दें कि इस बार देश में मानसून का अनियमित रहना फसलों के अधिक नुकसान का संकेत देता है। इससे आने वाले महीनों में खाद्य पदार्थों की कीमतें और बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। मौसम के प्रतिकूल रहने के कारण सितंबर से नवंबर महीनों के बीच खाद्य पदार्थों की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।
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वर्ष 2023 की शुरुआत तक आरबीआई के लक्ष्य से ऊपर रह सकती है महंगाई दर

RBI Inflation - फोटो : Istock
आरबीआई के अनुमानों के मुताबिक वर्ष 2023 की शुरुआत तक मुद्रास्फीति इसके लक्ष्य सीमा (टॉललेंस बैंड) के ऊपरी छोड़ छह प्रतिशत के ऊपर बना रह सकता है। बता दें कि आरबीआई गवर्नर ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि मुद्रास्फीति चरम पर है और इसके अगले वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही तक घटकर लगभग पांच प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। कीमतों पर दिख रहा ताजा उछाल भारत जैसे देश के लिए इसलिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि यह आपूर्ति-संचालित मुद्रास्फीति से पहले से जूझ रहा है।
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