राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने सभी कंपनियों व उनकी ऑडिट समितियों को कहा है कि अगर किसी कंपनी ने बैंक से उधारी ली है और वह कर्ज एनपीए हो गया है तो भी उसकी रिपोर्टिंग जरूरी है। इसमें मूलधन व ब्याज दोनों को शामिल करना होगा।
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प्राधिकरण ने भारतीय लेखा मानकों का पालन करने के लिए शुक्रवार को जारी परिपत्र में कहा, एनपीए के किसी भी मामले में मूलधन या ब्याज की रिपोर्टिंग बंद नहीं की जानी चाहिए। चाहे बैंकों के साथ किसी रियायत के साथ संभावित निपटान होना हो या नहीं होना हो। कंपनी सचिवों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कंपनियों के निदेशक मंडल का ध्यान परिपत्र की सामग्री की ओर आकर्षित करें।
दरअसल, शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनी विकास डब्ल्यूएसपी लि. के एक वैधानिक लेखा परीक्षक यानी चार्टर्ड एकाउंटेंट सोम प्रकाश अग्रवाल के पेशेवर कदाचार का मामला सामने आया था। इसके बाद एनएफआरए ने यह परिपत्र जारी किया है।